19.1 C
Delhi
Friday, December 2, 2022
No menu items!
Home Blog

मुस्लिम लड़कियों के लिए वक्फ बोर्ड द्वारा स्कूल-कॉलेज बनाने के फैसले के विरोध में, हिंदू संगठनों ने दी चेतावनी

0

कर्नाटक: कर्नाटक में शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर लगाई गई पाबंदी के विरोध में कई मुस्लिम छात्राओं ने बीच में अपनी पढ़ाई छोड़ दी। इस समस्या से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड के साथ मिलकर राज्य में मुस्लिम लड़कियों के लिए 10 नए कॉलेज खोलने का फैसला लिया। लेकिन इस फैसले के विरोध में अब हिन्दू संगठन आ गए है। हिन्दू संगठनों ने व्यापक विरोध की चेतावनी दी है।

हिंदू जन जागृति समिति के नेता मोहन गौड़ा ने राज्य सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि अगर मुस्लिम लड़कियों के कॉलेज बन रहे हैं तो हिंदू शिक्षण संस्थान भी बनने चाहिए। उन्होने इस निर्णय को धर्मनिरपेक्षता और संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। गौड़ा ने चेतावनी दी कि “अगर सरकार इसे वापस नहीं लेती है, तो विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा”।

वहीं श्री राम सेना के संस्थापक प्रमोद मुथालिक ने कहा कि राज्य में इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हमने कभी नहीं सोचा था कि बीजेपी विधानसभा चुनाव से पहले मुसलमानों के तुष्टिकरण में लिप्त होगी। यह विभाजनकारी नियम है और कॉलेज हिजाब संकट की पृष्ठभूमि में खोले गए हैं। इससे छात्रों में विभाजनकारी मानसिकता विकसित होगी।”

बता दें कि राज्य सरकार वक्फ बोर्ड के साथ मिलकर मिलकर मुस्लिम लड़कियों के लिए 10 नए कॉलेज खोलेगी। इन कॉलेजों की आधारशिला खुद मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई रखेंगे। कॉलेजों के लिए 2.50 करोड़ रुपये का अनुदान भी दिया जा चुका है।

कर्नाटक वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना शफी सादी ने बताया कि विशेष कॉलेजों के लिए बोर्ड द्वारा प्रस्ताव दिया गया था और यह निर्णय बड़ी संख्या में मुस्लिम लड़कियों द्वारा घर पर रहने के विकल्प चुनने के बाद लिया गया है। क्योंकि कॉलेज परिसर में हिजाब पहनने की अनुमति नहीं है।

उन्होने कहा कि कर्नाटक की मंत्री मुजरई शशिकला जोले और कलाबुरगी के सांसद उमेश जाधव के नेतृत्व में एक प्रतिनधिमंडल ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मुलाक़ात कर प्रस्ताव सौंपा था। राज्य सरकार ने प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। उन्होने आगे कहा, मैं मंत्री शशिकला जोले को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मुस्लिम लड़कियों को शिक्षित करने के लिए एक बहन की तरह नेतृत्व किया।

अब वक्फ बोर्ड खुद के खोलेगा स्कूल-कॉलेज, मुस्लिम छात्राएँ पहन सकेंगी अपनी इच्छा से बुर्का-हिजाब

बैंगलुरु: कर्नाटक वक्फ बोर्ड ने राज्य में अपने खर्चे पर स्कूल और कॉलेज खोलने का ऐलान किया है। जी दरअसल यह नया मामला कर्नाटक हिजाब विवाद से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

सामने आने वाली रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य में ऐसे स्कूल और कॉलेज खोले जाएँगे जहाँ मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने की इजाजत होगी। आपको बता दें कि कर्नाटक वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शफी सादी ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा वक्फ बोर्ड सेल्फ फंडेड स्कूल-कॉलेज खोलने की योजना बना रहा है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि इन स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहनने की पूरी आजादी होगी।

आपको बता दें कि जानकारी यह भी है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई दिसंबर महीने के अंत तक हिजाब वाले शिक्षण संस्थानों को खोले जाने की आधिकारिक घोषणा कर सकते हैं। जी दरअसल वक्फ बोर्ड ने ऐलान किया है कि मुस्लिमों की बढ़ती माँगों को देखते हुए शिक्षण संस्थान खोले जाएँगे। महिलाओं के लिए 10 कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है। वहीं ऐसा भी कहा गया है कि वक्फ के शिक्षण संस्थान मंगलुरु, शिवमोग्गा, हासन, कोडागू, बीजापुर, हुबली और अन्य इलाकों में खोले जाएँगे। जी दरअसल शफी सादी ने कहा कि शिक्षण संस्थान बोर्ड या यूनिवर्सिटी के शिक्षा संबंधी नियमों का ही पालन करेंगे।

हालाँकि, वक्फ बोर्ड के शिक्षण संस्‍थान पूरी तरह से सेल्‍फ फंडेड होने की वजह से अपने नियम लागू करने के लिए स्वतंत्र होंगे। आपको बता दें कि कर्नाटक वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने कहा, ‘5 से 6 महीने पहले इसकी घोषणा की गई थी। वक्फ बोर्ड में इसके लिए 25 करोड़ रुपए आवंटित हैं। हमारे पास अपनी जमीनें हैं।’ वहीं शफी सादी ने सफाई दी कि इस फैसले का हिजाब विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। उनके मुताबिक, ये फैसला पहले ही ले लिया गया था। हालाँकि दक्षिणपंथी संगठनों ने वक्फ बोर्ड के इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है।

हिन्दू नेताओं का कहना है कि सरकार को इस तरह के फैसले का समर्थन नहीं करना चाहिए। केवल यही नहीं बल्कि उनका कहना है कि समुदाय विशेष के लिए अलग से शिक्षण संस्थान खोले जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। सामने आने वाली रिपोर्ट्स के मुताबिक, संगठनों के नेताओं ने खोले जा रहे इन संस्थानों को ‘शरिया स्कूल’ का नाम दिया है और कहा है कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। आप सभी को यह भी जानकारी दे दें कि कर्नाटक में स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहनने को लेकर काफी विवाद हुआ था।

जी दरसल इसी साल की शुरुआत में उडुपी के एक कॉलेज में कुछ मुस्लिम छात्राएँ जबरन हिजाब पहनकर क्लास में दाखिल होने की कोशिश करने लगीं। जिन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई थी। जी दरअसल, हिजाब कॉलेज ड्रेस कोड का हिस्सा नहीं है और इसके बाद भी मुस्लिम समुदाय की तरफ से इसका विरोध किया गया। वहीं देखते ही देखते यह राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गया कि शिक्षा संस्थानों में हिजाब पहनना सही है या नहीं – ये मामला हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट के बड़े बेंच तक पहुँच चुका है।

कुरान की कसम साहब! मैं सच बोल रही हूं… मुझे न्याय दो, एसएसपी दफ्तर पहुंची महिला

0

उम्र के तकाजे के कारण कदम धीरे धीरे उठ रहे थे। कांपते हाथों में कुरान थामे एक वृद्धा एसएसपी ऑफिस की तरफ बढ़ रही थी। कुछ असहज थी, शायद डरी हुई भी। पर बेटे को इंसाफ दिलाने लिए कानून के रखवालों के दरवाजे तक सच्चाई बताने पहुंच गई।

और इसी सच का साक्षी बनाया उसने पवित्र कुरआन को। पुलिस अधिकारियों से मिली तो रुंधे गले से एक ही बात दोहराती रही। कुरआन की कसम साहब! मैं सच बोल रही हूं।

सरधना से एक वृद्ध महिला अपने हाथों में कुरआन लिए एसएसपी आफिस पहुंची। उसने एसएसपी आफिस में एक शिकायती पत्र दिया। आरोप लगाया कि सरधना थाने में गांव के दबंग लोगों ने उनके बेटे के सीने में गोली मार दी थी। चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। अब आरोपी मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे थे। इसी दौरान दबंगों ने 8 अक्टूबर को उनके परिवार पर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। सरधना पुलिस से कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं करता।

आरोपी अब उसे धमका रहे हैं और मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। उसने कहा कि वह सच बोल रही है। दबंग उसे परेशान कर रहे हैं। एसएसपी आफिस में शिकायत सुन रहे सीओ कोतवाली अमित राय ने वृद्धा को आश्वासन दिया। वृद्ध महिला ने एसएसपी आफिस के बाहर मीडिया को बताया कि वह सच बोल रही है। वह अपनी सच्चाई बताने के लिए अपने साथ कुरआन लेकर आई है।

तो इस वजह से “शैलेश लोढ़ा” ने छोड़ा Taarak Mehta ka ooltah chashma शो असली वजह आई सामने

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: तारक मेहता का उल्टा चश्मा इन दिनों अपने प्लॉट के कारण नहीं बल्कि एक्टर्स के चलते सुर्खियों में है। कभी सितारों के एक्सीडेंट की खबर तो कभी शो छोड़कर जाने वाले कलाकारों की। 6 महीने बाद भी ये पता नहीं चल पाया है कि तारक मेहता यानी शैलेश लोढ़ा ने आखिर इस सिटकॉम को अलविदा कहा क्यों? पर अब इस राज का खुलासा हो गया ह। सोशल मीडिया पर शो के डायरेक्टर ने खुद बताया कि सेट पर उनका शोषण होता था! हालांकि इनकी पोस्ट पर लोग काफी मजे ले रहे हैं।

शैलेश लोढ़ा ने क्यों छोड़ा था शो?

शैलेश लोढ़ा ने इस साल मार्च से तारक मेहता का उल्टा चश्मा की शूटिंग बंद कर दी थी। जिसके बाद खबर आई कि उन्होंने शो को अलविदा कह दिया है। उनके और शो के मेकर असित मोदी के बीच सोशल मीडिया पर बिना नाम लिए काफी कुछ कहा गया। हालांकि इस बात पर एक्टर ने कभी चुप्पी नहीं तोड़ी कि उन्होंने 14 साल बाद इस हिट शो को क्यों छोड़ा। पर अब एक पोस्ट से सारे राज सामने आ गए हैं।

तारक मेहता का होता था शोषण!

तारक मेहता का उल्टा चश्मा के डायरेक्टर मालव राजा ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर की है। इस तस्वीर में शैलेश लोढ़ा भी नजर आ रहे हैं। तस्वीर को कैप्शन देते हुए लिखा है, ‘वो इंसान, जिसका मैंने सबसे ज्यादा शोषण किया यह कहकर कि ‘मेहता साब को छोड़ के बाकी सब का पैकअप’।’ इस फोटो पर फैंस के साथ-साथ तारक मेहता के बाकी एक्टर्स भी रिेएक्ट कर रहे हैं। सीरियल में रोशन कौर सोढ़ी का करिदार निभाने वाली जेनिफर मिस्त्री ने लिखा, ‘मुझे लगा कि आपने सबसे ज्यादा शोषण मेरा किया है।’ वहीं, मालव की एक दोस्त ने उनके मजे लेते हुए लिखा है, ‘क्या यही वजह है मालव भाई?।’

लोग कर रहे वापस आने की अपील

इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक यूजर्स ने लिखा- लगता है इसी वजह से शैलेश लोढ़ा ने शो छोड़ दिया। को वहीं कुछ लोग शैलेश से शो में वापस आने की गुहार लगा रहे हैं। एक ने इमोशनल होते हुए लिखा- ‘सर आप प्लीज शैलेश सर को वापस लाने के लिए असित सर को मनाइए। प्लीज हमें ये वाले मेहता साहब ही चाहिए।’

15 साल की मुस्लिम लड़की अपने पसंद के लड़के से शादी कर सकती है: झारखंड हाईकोर्ट

0

झारखंड हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत 15 साल या उससे अधिक उम्र की मुस्लिम लड़की अपने माता-पिता के कोई भी हस्तक्षेप के बीना अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी कर सकती है।

कोर्ट ने इस लॉ का हवाला देते हुए 15 साल की उम्र की एक लड़की से शादी करने वाले युवक के खिलाफ दर्ज एफआईआर और क्रिमिनल प्रोसिडिंग रद्द करने का आदेश किया।

ये था मामला

जमशेदपुर के जुगसलाई की रहने वाली एक 15 वर्षीय लड़की को बहला-फुसलाकर शादी करने का आरोप लगाते हुए उसके पिता ने बिहार के नवादा निवासी एक 24 वर्षीय युवक मो. सोनू के खिलाफ धारा 366A और 120B के तहत FIR दर्ज कराई थी। इस FIR पर क्रिमिनल प्रोसिडिंग को चुनौती देते हुए मो. सोनू ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि याचिका पर सुनवाई के दौरान ही लड़की के पिता ने अदालत में हलफनामा पेश कर कहा था कि अपनी पुत्री के विवाह पर उनका कोई एतराज नहीं है। उनकी बेटी को अल्लाह की मेहरबानी से नेक जोड़ीदार मिला है। उन्होंने गलतफहमी की वजह से मो. सोनू के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान लड़की के वकील ने भी अदालत में बताया कि दोनों परिवार इस शादी को स्वीकार कर चुके हैं।

ये रहा कोर्ट का फैसला

सभी पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस एस.के. द्विवेदी की एकल पीठ ने युवक के खिलाफ दायर FIR और क्रिमिनल प्रोसिडिंग को रद्द करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह साफ है कि मुस्लिम लड़की का विवाह मुस्लिम पर्सनल लॉ द्वारा शासित होता है। लड़की की उम्र लगभग 15 वर्ष है और वह अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ विवाह करने को स्वतंत्र है।

Breaking: रवीश कुमार ने NDTV से दिया इस्तीफा

0

एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार ने इस्तीफ़ा दे दिया है. एनडीटीवी ग्रुप की प्रेसिडेंट सुपर्णा सिंह की तरफ़ से वहां के कर्मचारियों को एक मेल भेजा गया जिसमें लिखा है, “रवीश ने एनडीटीवी से इस्तीफ़ा दे दिया है और कंपनी ने उनका इस्तीफ़ा तुरंत प्रभाव से लागू करने की गुज़ारिश को स्वीकार लिया.”

रवीश का इस्तीफ़ा प्रणय रॉय और राधिका रॉय के आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर्स के पद से इस्तीफ़ा देने के एक दिन बाद आया है. ये कंपनी एनडीटीवी की प्रमोटर ग्रुप व्हेकिल है.

इससे ठीक एक दिन पहले आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड ने अपने इक्विटी शेयर की जानकारी दी थी. जिसमें से 99.5 फ़ीसदी इक्विटी शेयर विश्व प्रधान कॉमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के पास हैं, ये वो कंपनी है जिसका अधिग्रहण अडानी ग्रुप की मीडिया कंपनी एएमजीमीडिया नेटवर्क्स ने किया है. इसके साथ ही अडानी ग्रुप के पास अब एनडीटीवी की 29.18 फ़ीसदी हिस्सेदारी है.

रवीश कुमार अपने प्रोग्राम ‘रवीश की रिपोर्ट’ से मशहूर हुए और बाद में प्राइम टाइम के साथ एनडीटीवी इंडिया के प्रमुख चेहरा बने रहे. उन्हें रैमन मैगसेसे पुरस्कार मिल चुका है.

वो सरकार की आलोचना के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं.

अपने 11 दोषियों की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची बिलकिस बानो, फिर से विचार करने की लगाई गुहार

0

साल 2002 के गोधरा कांड के दौरान सामूहिक दुष्कर्म और परिवार के सदस्यों की हत्या करने वाले 11 दोषियों की समय से पहले रिहाई को लेकर बिलकिस बानो ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

Bilkis Bano Case: साल 2002 के गोधरा कांड के दौरान सामूहिक दुष्कर्म और परिवार के सदस्यों की हत्या करने वाले 11 दोषियों की समय से पहले रिहाई को लेकर बिलकिस बानो ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. बिलकिस बानो ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. बिलकिस बानो ने उच्चतम न्यायाय से आदेश पर फिर से विचार की गुहार लगाई है.

NDTV के प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने डायरेक्‍टर पद से दिया इस्तीफा, अडानी ग्रुप की बोर्ड में एंट्री

0

नई दिल्‍ली. एनडीटीवी (NDTV) के मालिक और संस्थापक प्रणय रॉय (Prannoy Roy) और राधिका रॉय (Radhika Roy) ने आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड (RRPRH) के डायरेक्‍टर पद से इस्तीफा दे दिया है. बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (BSE) को दी जानकारी में कंपनी ने बताया है कि त्‍यागपत्र मंगलवार, 29 नवंबर से प्रभावी हो गया है. सुदीप्त भट्टाचार्य, संजय पुगलिया (Sanjay Puglia) और सेंथिल सिन्नैया चेंगलवारायण (Senthil Sinniah Chengalvarayan) को आरआरपीआरएच के बोर्ड में निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है. इन नियुक्तियों के साथ ही अडानी ग्रुप की एनडीटीवी के बोर्ड में एंट्री हो गई है.

राधिका रॉय और प्रणय रॉय एनडीटीवी के सह-संस्थापक हैं. आरआरपीआर के निदेशक के रूप में उनका इस्तीफा फर्म द्वारा विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL) को अपनी इक्विटी पूंजी के 99.5 प्रतिशत तक के शेयरों को स्थानांतरित करने के एक दिन बाद आया है. वीसीपीएल का स्वामित्व अडानी समूह की मीडिया शाखा एएमजी मीडिया नेटवर्क लिमिटेड (AMNL) के पास है.

आरआरपीआर होल्डिंग ने बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (BSE) स्टॉक एक्सचेंज को भेजे एक पत्र में कहा है कि शेयरों के हस्तांतरण से अडानी समूह को एनडीटीवी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी मिल जाएगी. इसके साथ अडानी समूह ने 26 प्रतिशत अतिरिक्‍त हिस्सेदारी के लिए भी ओपन ऑफर पेश किया है. सेबी ने 7 नवंबर को 492.81 करोड़ रुपये की इस खुली पेशकश को मंजूरी दी थी. इसके जरिए 294 रुपये प्रति शेयर की कीमत से 1 करोड़ 67 लाख शेयरों की पेशकश की गई है.

5 दिसंबर तक है ओपन ऑफर

23 अगस्त को गौतम अडानी समूह ने एनडीटीवी में 29.18 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी, तभी अडानी ग्रुप ने एनडीटीवी के 26 फीसदी शेयर खरीदने का ऐलान किया था. इसके लिए ओपन ऑफर लाए जाने की बात कही थी. अडानी ग्रुप ने 22 नवंबर को ओपन ऑफर पेश किया था जो 5 दिसम्बर तक खुला हुआ है. अडानी ग्रुप ने अगस्त, 2022 में विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL) का अधिग्रहण करने का ऐलान किया था. वीसीपीएल ने 2009 और 2010 में एनडीटीवी के प्रमोटर यानी प्रणय रॉय और राधिका रॉय को 403.85 करोड़ रुपये का ऋण दिया था. इस कर्ज के एवज में कर्जदाता से किसी भी समय एनडीटीवी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्रावधान रखा था.

एक “Boyfriend” के लिए आपस में भिड़ी 5 लड़कियां, जमकर चले लात- घूंसे, दिखे वीडियो

0

Girl Fight Viral Video: इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो देखने को मिल जाते हैं. जिसमें ब्वॉयफ्रेंड या फिर गर्लफ्रेंड के लिए लड़की से लेकर लड़कों तक को आपस में भिड़ते देखा जाता है. इस दौरान होने वाली लड़ाई काफी भयानक और दिलों को झकझोर देने वाली होती है. हाल ही में बिहार के सोनपुर मेले में ऐसा ही कुछ देखने को मिला. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर धमाल मचा रहा है.

सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियो में एक शख्स के लिए 5 लड़कियों को आपस में लड़ते देखा जा रहा है. जिसे देख यूजर्स की आंखें फटी की फटी रह गई हैं. जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि बिहार के सोनपुर मेले में एक शख्स अपनी गर्लफ्रेंड के साथ घूमने गया था. जहां उसकी चार अन्य गर्लफ्रेंड ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया.

एक शख्स के लिए भिड़ी 5 लड़कियां

इसके बाद मेले में जो हुआ उसे अब पूरा देश देखकर हैरान रह गया है. वीडियो में पांच लड़कियों के बीच मारपीट होते और एक दूसरे को बूरी तरह पीटते देखा जा रहा है. एक ओर जहां ब्वॉयफ्रेंड मार खा रही अपनी गर्लफ्रेंड को बचाने की कोशिश कर रहा है, वहीं उन लड़कियों के बीच हो रही लड़ाई कम होने का नाम नहीं ले रही है.

लड़ाई में फाड़े एक दूसरे के कपड़े

फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. वीडियो को ट्विटर पर सुविधा नाम के यूजर ने अपने अकाउंट से शेयर किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़कियों की लड़ाई इस कदर बढ़ जाती है कि वह एक दूसरे के कपड़े तक फाड़ डालती हैं. फिलहाल वीडियो में किसी तरह की कोई ऑडियो नहीं है, ऐसे में एबीपी न्यूज इस वायरल हो रहे वीडियो की कोई पुष्टि नहीं करता है.

“The Kashmir Files” वाले तब कहां थे जब कश्मीरी पंडितों पर हमले हो रहे थे, इस फ़िल्म की कमाई कश्मीरी पंडितों को दे: संजय राउत

शिवसेना के सांसद संजय राउत मंगलवार को गोवा में हुए इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल के चीफ़ ज्यूरी नदाव लपिड के समर्थन में आए हैं.

नदाव लपिड ने द कश्मीरी फ़ाइल्स को ‘प्रोपेगैंडा’ और ‘भद्दी’ फ़िल्म बताया था. उन्होंने कहा कि फ़ेस्टिवल के कॉम्पिटेटिव सेक्शन में इस फ़िल्म को शामिल करने के फ़ैसले ने उन्हें ‘हैरान’ और ‘परेशान’ किया है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक राउत ने कहा, “कश्मीर फ़ाइल्स के बार में ये सही है. एक ये पार्टी का दूसरी के ख़िलाफ़ प्रोपेगैंडा था. एक पार्टी और सरकार प्रोपेगैंडा में व्यस्त थी. लेकिन सबसे ज़्यादा हत्याएं फ़िल्म के बाद हुई हैं. कश्मीरी पंडितों और सुरक्षाबलों की हत्याएं हुई हैं.”

उन्होंने कहा, “रिलीज़ के बाद फ़िल्म का राजनीतिकरण किया गया और ज़्यादा कश्मीरी पंडितों को नुकसान हुआ. फ़िल्म के बाद, कश्मीरी पंडितों पर हमले बढ़े. क्या हम पार्ट टू बनाएंगे?”

उन्होंने कहा, “कश्मीर फ़ाइल्स के ये लोग कहां थे जब कश्मीरी पंडितों पर हमले हो रहे थे.

इस फ़िल्म के कमाई गई कुछ रकम को कश्मीरी पंडितों को देना चाहिए.”