20.2 C
London
Saturday, April 13, 2024

‘महिला-पुरुष की मालिश का मतलब यौन संबंध नहीं होता, इस पर कार्रवाई से परहेज करें’: हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकारा

- Advertisement -spot_imgspot_img
- Advertisement -spot_imgspot_img

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में ‘क्रॉस-जेंडर’ मालिश पर प्रतिबंध के संबंध में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि क्रॉस जेंडर मसाज यौन क्रिया नहीं है। कोर्ट ने दिल्ली की ‘आप’ सरकार से कहा कि शहर में क्रॉस-जेंडर मसाज पर प्रतिबंध के संबंध में कोई कार्रवाई करने से परहेज करें।

दिल्ली सरकार की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने शुक्रवार (3 दिसंबर 2021) को अदालत से कहा कि ऐसे केंद्रों पर यौन गतिविधियों को रोकने के लिए उचित विचार-विमर्श के बाद नीति बनाई गई थी। इस पर जस्टिस रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि ऐसी सेवाएँ केवल यौन गतिविधि के अस्तित्व का संकेत नहीं देती हैं।

उन्होंने आगे ​कहा कि सिर्फ इसलिए कि यह एक क्रॉस-जेंडर मसाज है, इसका मतलब यह नहीं है कि यह यौन गतिविधि है। जस्टिस पल्ली ने कहा, “मैं यह नहीं कह रही हूँ कि आपको अवैध गतिविधियाँ नहीं रोकनी चाहिए।” वहीं, राहुल मेहरा ने अदालत से नीति को कुछ समय के लिए लागू रहने की अनुमति देने के लिए कहा और बताया कि फाइव स्टार होटलों सहित कई स्थानों पर क्रॉस जेंडर मसाज की अनुमति नहीं है। दिल्ली सरकार के वकील ने यह भी कहा कि अधिकारी केवल अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। अदालत ने इस महीने के अंत तक याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित कर दी है।

बता दें कि क्रॉस-जेंडर मसाज (मालिश) का अर्थ है कि किसी पुरुष की मालिश कोई महिला करे या किसी महिला की मालिश कोई पुरुष करे। दिल्ली सरकार स्पा में क्रॉस-जेंडर मसाज पर रोक लगा चुकी है। इसके अलावा रिहायशी इलाकों में नए मसाज सेंटर खोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

- Advertisement -spot_imgspot_img

Latest news

- Advertisement -spot_img

Related news

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here