आज की दुनिया में सोशल मीडिया का प्रभाव काफी बड़ा है. लोग अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया का यूज करते हैं. ऐसे में कई बार ट्रोलिंग भी हो जाती है जो आज के समय में बहुत आम बात बन गई है. राजनीति हो या क्रिकेट सोशल मीडिया पर टांग खिंचाई तो तुरंत होती है. कोई टीम हो या खिलाड़ी अगर उसने बुरा किया तो सोशल मीडिया पर उसकी क्लास तुरंत लगा दी जाती है. यही कारण है कि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम (Wasim Akram) अपनी राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ना नहीं चाहते. वसीम अकरम ने कहा है कि उन्होंने राष्ट्रीय टीम के कोच का पद कभी स्थायी तौर पर स्वीकार नहीं किया क्योंकि टीम के नाकाम रहने पर सोशल मीडिया पर कोचेस का जिस तरह अपमान किया जाता है, उसे वह बर्दाश्त नहीं कर सकते.

शास्त्री ने कहा है कि पाकिस्तान में हार के बाद जो व्यवहार होता है वह दूसरे देशों में नहीं होता. अकरम ने क्रिकेट पाकिस्तान डॉट कॉम डॉट पीके यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा ,‘‘मैं किसी की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं कर सकता. मैं कोई मूर्ख नहीं हूं कि मुझे नजर नहीं आता कि टीम के खराब खेलने पर लोग कैसे कोचेस और सीनियर खिलाड़ियों के साथ बदसलूकी करते हैं. मेरे अंदर उतना धैर्य नहीं है.’’

रवि शास्त्री के साथ होगा ऐसा!

उन्होंने कहा कि क्रिकेटप्रेमियों का जुनून उनकी समझ में आता है लेकिन सोशल मीडिया पर इस्तेमाल होने वाली खराब भाषा और अपमान उनकी समझ से परे है. उन्होंने कहा ,‘‘हमें यह समझना चाहिए कि सोशल मीडिया पर हम जो कुछ लिखते हैं, वह बताता है कि हम कैसे हैं. कई बार आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं और कई बार हार जाते हैं लेकिन इस तरह की तल्ख प्रतिक्रिया या बदसलूकी दूसरे देशों में नहीं होती. कभी आपने देखा है कि रवि शास्त्री के साथ सोशल मीडिया पर इस तरह का बर्ताव हो . लोगों का सोशल मीडिया पर बर्ताव देखकर मुझे डर लगता है

खिलाड़ियों से करता हूं बात

अकरम ने कहा कि पाकिस्तान सुपर लीग में कराची किंग्स टीम के साथ उन्हें अधिकांश खिलाड़ियों के साथ काम करने का मौका मिला. उन्होंने कहा ,‘‘ऐसा नहीं है कि मैं खिलाड़ियों से पूरी तरह कटा हुआ हूं. वे मुझे सलाह के लिए फोन करते हैं और मुझे पाकिस्तान क्रिकेट के लिए योगदान देकर अच्छा लगता है.’’

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