महराजगंज जिले के कोल्हुई क्षेत्र में रविवार को निकाह के दौरान रंग में भंग पड़ गया। मौलवी निकाह पढ़ा रहे थे कि उर्दू के कुछ शब्दों के उच्चारण में दूल्हा अटक गया। इस पर लोगों को शक हुआ।

पूछताछ शुरू हुई तो दूल्हे की पोल खुल गई। वह दूसरे मजहब का निकला। इस पर हंगामा शुरू हो गया। लोगों ने दूल्हे की धुनाई शुरू कर दी। भागने की कोशिश पर घरातियों ने कुछ बारातियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। देर शाम तक थाने में पंचायत होती रही। 

कोल्हुई क्षेत्र की एक लड़की से सिद्धार्थनगर के एक युवक की सोशल मीडिया पर पहचान हुई। बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। युवक, युवती के घर भी आने-जाने लगा। दो साल बाद लड़की के परिजनों ने शादी के लिए रजामंदी दे दी। लेकिन दूल्हे ने लॉकडाउनका हवाला देकर केवल पांच बारातियों को ही लाने की बात कही। तय तारीख पर रविवार को पांच लोगों को लेकर युवक शादी करने लड़की के घर पहुंचा। निकाह के वक्त दूल्हा उर्दू शब्द बोलने में अटकने लगा। इस पर मौलवी को शक हुआ।

लड़की के परिजन दूल्हे के घर गए नहीं थे। इसलिए वे सच्चाई से बेखबर थे। पूछताछ के साथ तलाशी शुरू हुई तो दूल्हे के पर्स से उसका पैनकार्ड मिला, जिस पर फोटो तो युवक का ही था, लेकिन नाम ऐसा था, जो अमूमन दूसरे मजहब के लोगों का होता है। सूचना मिलते ही एसआई लवकुश मौके पर पहुंचे। दूल्हे व बारात आए कुछ युवकों को पकड़कर थाने ले आए। युवकों ने बताया कि वे दूल्हे के दोस्त हैं। वहीं, पुलिस के मुताबिक दूल्हे के परिजनों का कहना है कि उन्हें इस शादी के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

प्रभारी निरीक्षक दिलीप शुक्ला ने बताया, दूल्हे को पूछताछ के लिए थाने पर लाया गया है। दोनों पक्ष आपस में बातचीत कर रहे हैं। तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

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