Subcribe our New Youtube Channel

To get latest video Updates follow our Youtube channel

[email protected]tlook.com

‘मंकी बी वायरस’ से बढ़ी दुनिया की चिंता, क्या हैं लक्षण और बचाव के उपाय?

- Advertisement -
- Advertisement -

चीन के बीजिंग में मंकी बी वायरस संक्रमण के कारण एक शख़्स की मौत की ख़बर सामने आई है. 

ग्लोबल टाइम्स ने इस पहली मौत की पुष्टि की है.

ग्लोबल टाइम्स की ख़बर के अनुसार, बीजिंग में जानवरों के एक डॉक्टर में मंकी वायरस से मौत का पहला मामला सामने आया है. लेकिन ख़बर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनके संपर्क में आए लोग अभी तक पूरी तरह सुरक्षित हैं. 

53 वर्षीय साल के ये पशु चिकित्सक एक इंस्टीट्यूट में नॉन-ह्यूमन प्राइमेट्स पर रिसर्च कर रहे थे.

रिपोर्ट में बताया गया है कि मार्च महीने में उन्होंने दो मृत बंदरों पर शोध किया था और उसके एक महीने बाद ही उनमें मितली और उल्टी के शुरुआती लक्षण नज़र आने लगे थे. 

बीते शनिवार को चाइना सीडीसी वीकली ने इस संबंध में जानकारी दी.

पत्रिका के अनुसार, इन पशु चिकित्सक ने कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन 27 मई को उनकी मृत्यु हो गई.

पत्रिका के अनुसार, इससे पहले तक इस वायरस से जुड़ा ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था. मंकी बी वायरस से मानव संक्रमण और मौत का यह पहला मामला है.

शोधकर्ताओं ने अप्रैल में पशु चिकित्सक की मज्जा का सैंपल लिया था और उसमें मंकी वायरस होने की पुष्टि की थी. लेकिन राहत की बात है कि उनके संपर्क में आए किसी दूसरे शख़्स में अभी तक इस वायरस के संक्रमण के लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं. 

इस वायरस की पहचान 1932 में हुई थी. यह वायरस सीधे संपर्क और शारीरिक स्रावों के आदान-प्रदान से फैलता है. मंकी बी वायरस से संक्रमित मरीज़ों में मृत्यु दर 70 प्रतिशत से 80 प्रतिशत है.

पत्रिका ने सुझाव दिया कि मंकी बी वायरस ख़तरा पैदा कर सकता है और इसे लेकर प्रयास किया जाना आवश्यक है.

क्या है मंकी बी वायरस?

हर्पीस बी वायरस या फिर मंकी वायरस आमतौर पर वयस्क मैकाक बंदरों से फैलता है. इसके अलावा रीसस मैकाक, सुअर-पूंछ वाले मैकाक और सिनोमोलगस बंदर या लंबी पूंछ वाले मैकाक से भी यह वायरस फैलता है. 

इसका इंसानों में पाया जाना दुर्लभ है, लेकिन अगर कोई इंसान इस वायरस से संक्रमित हो जाता है तो उसे तंत्रिका संबंधी रोग या मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में सूजन की शिकायत हो सकती है.

यह वायरस फैलता कैसे है?

इंसानों में यह वायरस आमतौर पर मैकाक बंदरों के काटने या खरोंच के बाद ही पहुंच सकता है. वायरस संक्रमित बंदर की लार, मल-मूत्र से भी फैल सकता है.

इसके अलावा संक्रमित इंजेक्शन भी इसका एक ज़रिया हो सकता है.

यह वायरस वस्तुओं की सतहों पर घंटों तक जीवित रह सकता है.

बोस्टन पब्लिक हेल्थ कमिशन की रिपोर्ट के अनुसार, इंसानों में उन लोगों को इस वायरस से संक्रमित होने का ख़तरा सबसे अधिक है जो प्रयोगशाला में काम करते हैं, पशु चिकित्सक हैं या फिर इन बंदरों के निकट रहकर काम करते हैं.

इस वायरस के लक्षण क्या हैं?

मनुष्यों में, वायरस के संपर्क में आने के 1 महीने के भीतर लक्षण नज़र आने लगते हैं. कई बार ये लक्षण 3 से 7 दिनों में भी दिखाई दे जाते हैं. लक्षण कितनी तेज़ी से बढ़ता है ये संक्रमण कणों पर पर निर्भर करता है.

एक बात विशेष रूप से ध्यान देने वाली है कि हर किसी में एक समान लक्षण ही हों यह आवश्यक नहीं है.

कुछ सामान्य लक्षण

संक्रमण की जगह के पास फफोले पड़ जाना

घाव के पास दर्द होना. उस जगह का सुन्न हो जाना. खुजली होना

फ़्लू जैसा दर्द

बुखार और ठंड लगना

24 घंटे से अधिक समय तक सिरदर्द

थकान

मांसपेशीयों में अकड़न

सांस लेने में कठिनाई

लक्षण शुरू होने के पहले दिन से 3 सप्ताह तक सांस लेने में कठिनाई हो सकती है और अगर संक्रमण बहुत अधिक है तो मृत्यु तक हो सकती है.

इलाज क्या है?

बोस्टन पब्लिक हेल्थ कमीशन की रिपोर्ट कहती है कि इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को अगर इलाज ना मिले तो लगभग 70% मामलों में मरीज़ की मौत हो सकती है. ऐसे में अगर आपको किसी बंदर ने काट लिया है या खरोंच दिया है तो हो सकता है कि वो बी वायरस का कैरियर है. 

ऐसी स्थिति में तुरंत प्राथमिक चिकित्सा शुरू कर देनी चाहिए.

घाव वाली जगह को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ़ करना सबसे ज़रूरी है. 

कमिशन की रिपोर्ट के मुताबिक़, बी वायरस के इलाज के लिए एंटीवायरल दवाएं तो उपलब्ध हैं, लेकिन कोई टीका उपलब्ध नहीं है.

Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -
×