नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लद्दाख दौरे के दौरान चीनियों द्वारा लद्दाख क्षेत्र में नए गोला-बारूद लाए जाने जाने की खबरें हैं। पैंगोंग क्षेत्र में सेना के पीछे हटने के बाद पीएलए के सैनिक पश्चिमी राजमार्ग के किनारे शिविरों में हैं। चीन की तरफ से लाए गए हथियार रुडोक, ताशीगोंग, शिखान्हे और कांक्सीवार में हैं।

हाल ही में कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने भी कहा है कि पीएलए के सैनिक खासकर स‍र्दियों के मौसम में पहाड़ों में लड़ने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं हैं। अब, तिब्बत में नई पीएलए प्रशिक्षण सुविधाएं आ रही हैं, शायद इसलिए कि चीनी आलाकमान कुछ सैनिकों की कमियों से अवगत है।

तिब्बत में चीनी सीमा रक्षा सैनिकों के लिए एक प्रशिक्षण शिविर स्थापित किया जा रहा है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सैनिकों को ऊंचाई की आदत हो, यह शिविर समुद्र तल से लगभग 5,000 मीटर की ऊंचाई पर है। यह लगभग 1,000 वर्ग मीटर का एक बड़ा शिविर होगा, जो सौर पैनलों से परिपूर्ण होगा। यह एक और संकेत है कि पीएलए लद्दाख जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में लंबी अवधि की तैनाती को लेकर गंभीर है।

लद्दाख दौरे पर राजनाथ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लद्दाख दौरे पर निकल गए हैं। वे लद्दाख में तीन दिन तक रहेंगे। इस दौरान वे बॉर्डर रोड आर्गेनाईजेशन (BRO) के द्वारा बनाए गए इन्फ्रास्ट्रक्चरल प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन भी करेंगे। इसके अलावा वे इस क्षेत्र में तैनात सैनिकों से भी बातचीत करेंगे।

BRO द्वारा लद्दाख क्षेत्र में कनेक्टिविटी के लिए सड़कों और पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इन्हीं सड़कों और पुलों का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।

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