भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के रोने का वीडियो केंद्र सरकार के लिए सिरदर्द का कारण बन गया है। इसकी वजह यह है कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद से ही कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन को नया बल मिल गया है। बड़ी संख्या में हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लोग आंदोलन से फिर जुड़ने लगे। लोगों का इस तरह से प्रदर्शनस्थल पर पहुंचने से सरकार के लिए काफी मुश्किलें खड़ी हुई हैं और फिलहाल दिल्ली से सटे तीनों ही बॉर्डर- सिंघु, टिकरी और गाजीपुर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक दिन पहले ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए 31 जनवरी की रात 11 बजे तक तीनों ही प्रदर्शनस्थल और इसके आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद करा दीं। इससे पहले 26 जनवरी को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के उपद्रव के बाद भी ऐसी ही कार्रवाई की गई थी। बाद में इस बैन को बढ़कार 27 जनवरी कर दिया गया था। टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडरों को भी सरकार के आदेश का पालन करना जरूरी है।

सूत्रों का कहना है कि इन इलाकों में पहले ही इंटरनेट काफी धीमा चल रहा था। पर गाजीपुर में पहले प्रदर्शनकारियों से जगह खाली कराने के लिए अतिरिक्त पुलिसबल तैनात किया गया और इसके चलते भाकियू नेता राकेश टिकैत के आंसू छलक आए थे। टिकैत के इस वीडियो के वायरल होने के बाद से लोगों की भीड़ सभी प्रदर्शनस्थलों पर जुटी है और इसी के चलते इंटरनेट फिर बंद कर दिया गया।

इतना ही नहीं सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर तो सुरक्षाबलों की जबरदस्त तैनाती की गई है। हाल ही में दोनों जगहों पर स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की कुछ घटनाएं सामने आई थीं। तब एक प्रदर्शनकारी ने अलीपुर के एसएचओ पर तलवार से हमला कर दिया था। इन घटनाओं के बाद से ही सिंघु बॉर्डर पर काफी तनाव पैदा हो गया था।

बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में आखिरी बार इंटरनेट दिसंबर 2019 में सीएए-विरोधी प्रदर्शनों के बाद बंद किया गया था। 19 दिसंबर 2019 को दिल्ली पुलिस के आदेश पर टेलिकॉम ऑपरेटरों ने कॉलिंग और एसएमएस सेवाओं को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक के लिए बंद कर दिया था। हालांकि, इस बार दिल्ली ही नहीं, बल्कि हरियाणा के 17 जिलों में भी इंटरनेट सेवाएं फिलहाल बंद कर दी गई हैं। इनमें झज्जर, पलवल और सोनीपत के वे जिले शामिल हैं, जो सेंट्रल दिल्ली से महज दो घंटे की दूरी पर स्थित हैं।

टिकैत के रोते हुए वीडियो के वायरल होने के बाद से हरियाणा और पश्चिमी यूपी में काफी तेजी से भावनात्मक लहर दौड़ी है। कई खाप पंचायतों ने बैठक कर किसानों से बड़ी संख्या में दिल्ली कूच करने के लिए कहा है। पंजाब में भी कई पंचायतों ने हर घर से एक आदमी को प्रदर्शन में शामिल रहने के लिए कहा। इन सभी अपील में वॉट्सऐप मैसेज, ऑडियो और वीडियो ने अहम भूमिका निभाई। अब इंटरनेट बंद कर देने से प्रदर्शनों पर असर पड़ने की भी संभावना है, क्योंकि गांववालों और प्रदर्शनकारियों को जोड़ने के लिए इंटरनेट एक अहम साधन बन चुका था।

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