वाशिंगटन. म्यांमार में सैन्य तख्तापलट (Myanmar Military Coup) पर अमेरिका ने सख्त प्रतिक्रिया दी है और वहां की सेना को चेताया है. अमेरिका ने कहा कि वह ऐसे किसी भी प्रयास के खिलाफ है जो किसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करता है. अमेरिका ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि वह ऐसे किसी भी प्रयास के खिलाफ कार्रवाई करेगा.

अमेरिका की म्यांमार के हालात पर नजर

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन पास्की ने कहा कि अमेरिकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वह म्यांमार के लोगों के साथ है. उन्होंने कहा, ‘हम म्यांमार की लोकतांत्रिक संस्थान और सरकार को अपना समर्थन और सहयोग दे रहे हैं. वहां की सेना से आग्रह करते हैं कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पाल करने और कानून का राज चले दे और हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा करे.’

राष्ट्रपति बाइडन को दी गई जानकारी
अमेरिका उन खबरों से बेहद नाराज है जिसमें सेना ने म्यांमार की सत्ता पर एक साल के लिए कब्जा करने की खबर है. सेना ने स्टेट काउंसलर आंग सान सू की (Aung San Suu Kyi) समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है. अमेरिका के राष्ट्रीय सलाहकार ने राष्ट्रपति जो बाइनड (President Joe Biden) को घटना के बारे में जानकारी दी है.

बता दें कि सेना ने म्यांमार (Myanmar Latest News) में सैन्य तख्तापलट की घोषणा कर दी है. आंग सान सू की (Aung San Suu Kyi Detained) को घर में नजरबंद कर दिया है. म्यांमार के ऑनलाइन पोर्टल म्यांमार नाउ ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से बताया है कि सू की और उनकी पार्टी के अध्यक्ष को सोमवार तड़के गिरफ्तार कर लिया गया है. म्यांमार में सेना के टेलीविजन चैनल ने बताया कि सेना ने एक वर्ष के लिए देश का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है. 

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