हैदराबाद के सांसद व अपने पार्टी एआईएमआईएम(AIMIM) के राष्ट्रीय संयोजक असुद्दीन ओवैसी यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में कूद पड़े हैं। वे अभी यूपी के जमीन को तौलने व भापने तीन दिन के दौरे पर यूपी के कुछ जिलों का दौरा करने आ रहे हैं। ओवैसी की हाल हीं में दलित नेता चंद्रशेखर रावण व ओमप्रकाश राजभर के साथ हुई थी।

ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि ओवैसी का गठबंधन इन तीनों के साथ आगामी चुनान में होगा। लेकिन देखने वाली बात ये होगी की ऊंट किस करवट बैठते है औऱ गठबंधन के बाद तीनों को प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कितना फायदा मिलता है।

वहीं विरोधी हमेशा हीं ओवैसी को भाजपा कि बी टीम की संज्ञा देते आई है। बिहार में भी अल्पसंख्यकों का वोट काटने के लिए चुनाव लड़ा था जिसमें उनके चार विधायक के आसपास जीतकर विधानसभा भी गए और अन्य जगहों पर भी अच्छा वोट मिला था। जिसके कारण राजद व कांग्रेस के द्वार बानाया गया महागठबंधन सिमांचल के इलाकों में खास कमाल नहीं कर पाया था। और बहुत मामूली सी वोट के कारण राजद और कांग्रेस की सरकार बनते-बनते रह गई थी।

ओवैसी ने बंगाल में भी अपनी पार्टी के साथ चुनाव लड़े थें लेकिन कोई खास छाप नहीं छोड़ पाए। जिसमें ममता बनर्जी की सरकार आराम से बन गई थी। लेकिन यूपी में चुनाव लड़ने पर और एक मेल का गठबंधन कर के मैदान में उतरने पर चुनाव को काफी प्रभावित कर सकता है।

7 सितंबर को वंचित शोषित सम्मेलन को संबोधित करेंगे ओवैसी उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जमीनी सियासत शुरू हो गई है। इस कड़ी में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी तीन दिनों के दौरे पर उत्तर प्रदेश आ रहे हैं। इस बार वो अपने दौरे की शुरुआत अयोध्या से करेंगे, जहां रूदौली कस्बे में वो 7 सितंबर को वंचित शोषित सम्मेलन को संबोधित करेंगे। 8 सितंबर को असदुद्दीन ओवैसी का सुल्तानपुर में कार्यक्रम है। फिर दौरे के आखिरी दिन यानी 9 नवंबर को बाराबंकी जाएंगे

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