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Sunday, April 14, 2024

यूपी: योगी मंत्रिमंडल में विस्तार,जातीय समीकरण साधने की कोशिश

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लखनऊ: सोशल इंजीनियरिंग को ध्यान में रखते हुए इसी साल जून के महीने में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने वाले कभी राहुल के बेहद क़रीबी रहे जितिन प्रसाद को योगी कैबिनेट में शामिल किया गया है।

आगामी उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। मंत्रिमंडल विस्तार में योगी सरकार ने सोशल इंजीनियरिंग का ख़ासा ध्यान रखा है। इसी समीकरण को ध्यान में रखते हुए जून महीने में कांग्रेस से भाजपा की कश्ती में सवार होने वाले जितिन प्रसाद को योगी कैबिनेट में शामिल किया गया है। चूँकि जितिन प्रसाद ब्राह्मण समाज से आते हैं। इसलिए यह भी माना जा रहा है कि पिछले कुछ समय से लगातार ब्राह्मणों की नाराजगी का सामना कर रही योगी सरकार ने जितिन प्रसाद को मंत्री बनाकर ब्राह्मणों को साधने की कोशिश की है।

इसके अलावा भाजपा ने ओबीसी समुदाय से आने वाले संगीता बलवंत, धर्मवीर प्रजापति और छत्रपाल गंगवार को भी योगी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। संगीता बलवंत मल्लाह समुदाय से आती हैं जबकि धर्मवीर प्रजापति कुम्हार समुदाय और छत्रपाल गंगवार कुर्मी समुदाय से आते हैं।

इसके अलावा अनुसूचित जाति से आने वाले संजय गौड़ और पलटूराम को भी उत्तरप्रदेश सरकार में मंत्री बनाया गया है। रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित राजभवन के गाँधी सभागार में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सातों मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मंत्रिमंडल विस्तार से पहले योगी सरकार में मुख्यमंत्री समेत 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्‍वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 21 राज्य मंत्री थे। मौजूदा समय में यूपी विधानसभा में सदस्‍यों की संख्‍या 403 है ऐसे में नियमानुसार 60 मंत्री बनाये जा सकते हैं लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार से पूर्व सिर्फ 53 मंत्री थे और सात पद खाली थे जिन्हें अब भरा गया है ।

हालाँकि रविवार को हुए इस मंत्रिमंडल विस्तार को उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने महज़ छलावा करार दिया है अखिलेश यादव ने कहा कि उप्र की भाजपा सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार भी एक छलावा है। साढ़े चार साल में जिनका हक़ लूटा उन्हीं को आज प्रतिनिधित्व देने का नाटक रचा जा रहा है। जब तक नये मंत्रियों के नामों की पट्टी का रंग सूखेगा तब तक तो 2022 चुनाव की आचार संहिता लागू हो जाएगी। भाजपाई नाटक का समापन अंक अब शुरू हो गया है।

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Jamil Khan
Jamil Khanhttps://reportlook.com/
journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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