नई दिल्लीः विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने मंगलवार को बड़ी घोषणा की है. यूजीसी ने बयान जारी कर कहा कि छात्र अब एक साथ दो फुलटाइम डिग्री कोर्स (full time degree course) कर सकेंगे वो भी फिजिकल मोड में. इस संबंध में आयोग ने दिशानिर्देशों का एक सेट तैयार किया है, जिसे कल यानी 13 अप्रैल को यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा. इससे पहले, यूजीसी ने छात्रों को दो पूर्णकालिक कार्यक्रमों में एक साथ भाग लेने की अनुमति नहीं दी थी.

नियमों में हुए कई बदलाव

दिशानिर्देश देश भर में उपलब्ध सभी कार्यक्रमों पर लागू होंगे. छात्र या तो एक डिप्लोमा कार्यक्रम और एक स्नातक (यूजी) डिग्री, दो मास्टर कार्यक्रम, या दो स्नातक कार्यक्रमों के संयोजन का चयन कर सकते हैं. यदि कोई छात्र स्नातकोत्तर (यूजी) की डिग्री हासिल करने के लिए पात्र है और एक अलग डोमेन में स्नातक की डिग्री में दाखिला लेना चाहता है, तो वह एक साथ यूजी और पीजी डिग्री हासिल करने में सक्षम होगा. दोनों पाठ्यक्रमों के लिए क्लास की टाइमिंग अलग होनी चाहिए.

जानें यूजीसी के अध्यक्ष ने क्या कहा

यूजीसी के अध्यक्ष ममीडाला जगदेश कुमार ने कहा कि 31 मार्च को हुई पिछली आयोग की बैठक में, दिशानिर्देश जारी करने का निर्णय लिया गया था. उन्होंने कहा कि एक छात्र फिजिकल मोड में दो पूर्णकालिक शैक्षणिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ा सकता है, बशर्ते कि ऐसे मामलों में एक कार्यक्रम के लिए क्लास की टाइमिंग दूसरे कोर्स के क्लास की टाइमिंग से ओवरलैप न हो. विश्वविद्यालयों को यह तय करने की छूट होगी कि वे इस तरह के कार्यक्रमों की पेशकश करना चाहते हैं या नहीं. दिशानिर्देश केवल व्याख्यान आधारित पाठ्यक्रमों पर लागू होंगे, जिनमें स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा कार्यक्रम शामिल हैं. एमफिल और पीएचडी को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है.

ऑनलाइन डिग्री के लिए जल्द जारी होगा निर्देश

चूंकि सभी शैक्षणिक कार्यक्रमों में छात्रों को परीक्षा देने में सक्षम होने के लिए न्यूनतम उपस्थिति की आवश्यकता होती है, विश्वविद्यालयों को इन पाठ्यक्रमों के लिए उपस्थिति मानदंड तैयार करना होगा. कुमार ने कहा कि यूजीसी किसी भी उपस्थिति आवश्यकताओं को अनिवार्य नहीं करता है और ये विश्वविद्यालयों की नीतियां हैं. उन्होंने कहा कि कई विश्वविद्यालय अब ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों कार्यक्रमों की पेशकश कर रहे हैं. यूजीसी कुछ हफ्तों में ऑनलाइन शिक्षा के लिए संशोधित नियम जारी करेगा, जिसके बाद भारत में कई उच्च गुणवत्ता वाले संस्थान ऑनलाइन डिग्री की पेशकश शुरू करेंगे.

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