उत्तरी इराक में विस्फोटकों से लदे ड्रोन्स ने शनिवार देर रात इरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को निशाना बनाया। यह हमला एयरपोर्ट के उस इलाके के करीब हुआ, जहां अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के जवान तैनात हैं। अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। कुर्द शासित क्षेत्र में सुरक्षाबलों और अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

कुर्दिस्तान की आतंकवाद रोधी सेवा ने बताया कि विस्फोटकों से लदे कम से कम दो ड्रोनों ने हवाईअड्डे को निशाना बनाया। हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। अर्द्ध स्वायत्त उत्तरी क्षेत्र के प्रवक्ता लॉक गफूरी ने बताया कि विस्फोटक हवाईअड्डे के बाहरी क्षेत्र में गिरे और उन्होंने हमले से उड़ानों पर असर पड़ने की खबरों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि हवाईअड्डा अब भी खुला हुआ है और कुर्द प्राधिकारी जांच कर रहे हैं।

इससे पहले आठ जुलाई को इराक की राजधानी बगदाद के ग्रीन जोन में रॉकेट हमले हुए थे जहां अमेरिकी दूतावास स्थित है। हालांकि, इसमें कोई हताहत नहीं हुआ था। इसके बाद करीब दो महीने से बगदाद में अमेरिका की मौजूदगी और इराक में सैन्य अड्डों को ड्रोन और रॉकेट हमलों से निशाना नहीं बनाया गया था। यानी शनिवार का हमला करीब दो महीनों में सबसे बड़ा आतंकी हमला है।

अमेरिकी अधिकारियों ने इस घटना के पीछे ईरान को जिम्मेदार ठहराया। अमेरिका का आरोप है कि ईरान के समर्थन से शिया मुस्लिमों के विद्रोही संगठनों ने इराक में ठहराए गए 2500 अमेरिकी सैनिकों से लड़ाई का जिम्मा उठाया है। बता दें कि अमेरिका फिलहाल इराक में इराकी सेना को ट्रेनिंग देने में जुटा है। इसका मकसद इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों को दोबारा पनपने से रोकना और बाकी देशों की मदद से इराक को सुरक्षित बनाना है।

Share this article

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या  ट्विटर पर फॉलो करें.

The world is about to receive just the news it needs. My team and I believe that journalism can change the world and we are on a mission to ensure that this happens.

Leave a comment