मॉस्को, जून 25: रूस और ब्रिटेन के बीच ब्लैक सागर में तनाव चरम पर पहुंच गया है और अब रूस ने कहा है कि अगर ब्लैक सागर में ब्रिटेन ने अपना जहाज भेजने की हिम्मत की तो फिर रूस अब चेतावनी नहीं देगा, बल्कि ब्रिटिश जहाज को बम से उड़ा देगा। रूस ने मास्को में ब्रिटिश राजदूत को औपचारिक तौर तलब किया था और कहा था कि ब्लैक सागर पर रूस का अधिकार है, जबकि यूरोपीयन देशों का कहना है कि ब्लैक सागर पर यूक्रेन का अधिकार है। और ब्लैक सागर को लेकर रूस के साथ ब्रिटेन और अमेरिका के बीच भारी तनाव है।

ब्रिटेन-रूस में भारी तनाव

वहीं, ब्रिटेन ने कहा है कि रूस पूरी घटना को गलत तरीके से बयाम कर रहा है और ब्रिटिश जहाज पर चेतावनी के तौर पर कोई बमबारी नहीं की थी और रूस गलत जानकारी दे रहा है। ब्रिटेन ने अपने बयान में कहा है कि रूस ने ब्रिटिश रॉयल नेवी पर कोई वॉर्निंग फायर नहीं की गई और ना ही कोई बम गिराया गया। दरअसल, मॉस्को की तरफ से कहा गया है कि ब्लैक सागर में अवैध घुसपैठ करने पर ब्रिटिश रॉयल नेवी पर फायरिंग की गई और बम दागे गये।

वहीं, मॉस्को में रूसी सरकार ने ब्रिटिश राजदूत डेबोरा ब्रोनर्ट को तलब करते हुए ब्लैक सागर में ब्रिटिश जहाज के दाखिल होने को खतरनाक कार्रवाई कहा है और राजदूत को फटकार लगाई है। वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन पर सफेद झूठ बोलने का भी आरोप लगाया है।

ब्रिटिश जहाज उड़ाने की धमकी

रूसी विदेश मंत्रालय ने मॉस्को में मीडिया को बयान जारी करते हुए कहा है कि रूस अंतर्राष्ट्रीय जल संधियों का सम्मान करता है और समुद्री कानूनों को पूरी तरह से मानता है और अगर ब्रिटिश जहाज अब ब्लैक सागर में घुसने की गुस्ताखी करता है तो रूस उसे उड़ा देगा। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता सर्गेई रयाबकोव ने कहा कि ‘ब्लैक सागर में ब्रिटिश जहाज ने घुसने की हिम्मत की थी, लेकिन रूस की विध्वंसक जहाजों ने ब्रिटिश जहाज के रास्ते में फायरिंग की है और बम फोड़े हैं, ये एक चेतावनी है और अब अगर ऐसा होता है कि रूसी विध्वंसक अपने टार्गेट को निशाने पर लेगा।

‘ आपको बता दें कि सारा झगड़ा ब्लैक सागर को लेकर है, जिसे रूस अपना बताता है तो यूक्रेन अपना बताता है। रूस ने फिलहाल ब्लैक सागर को अपने अधिकार में रखा हुआ है और भूमध्य सागर में इसके सहारे शक्ति का प्रदर्शन करता है। ब्लैक सागर सैकड़ों सालों से रूस और ब्रिटेन के साथ तुर्की और अमेरिका के बीच संघर्ष का मुख्य बिंदु रहा है।

काफी आक्रामक है रूस

रूस ने 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया पेनिसुला प्रायद्वीप को जब्त कर लिया है और उसकी सीमा में पड़ने वाले समुद्री क्षेत्र पर अपना दावा करता है। लेकिन, पश्चिमी देश रूस के दावे को अवैध करार देता है और क्रीमिया पेनिसुला को यूक्रेन का हिस्सा मानते हुए समुद्री इलाके पर रूस के दावे को खारिज करता है। वहीं, ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि ब्रिटिश युद्धपोत, जो ओडेसा के यूक्रेनी बंदरगाह से जॉर्जियाई बंदरगाह बटुमी की यात्रा कर रहा था, वो कानून के अनुसार काम कर रहा था और अंतरराष्ट्रीय जल में था। ब्रिटेन ने अपने बयान में कहा है कि ‘ये यूक्रेनी जल हैं और ए से बी तक जाने के लिए इनका उपयोग करना पूरी तरह से सही था,’ वहीं, ब्रिटिश रक्षा मंत्री बेन वालेस ने रूसी पायलटों पर युद्धपोत से 500 फीट (152 मीटर) ऊपर असुरक्षित विमान युद्धाभ्यास करने का आरोप लगाया है।

Share this article

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या  ट्विटर पर फॉलो करें.

The world is about to receive just the news it needs. My team and I believe that journalism can change the world and we are on a mission to ensure that this happens.

Leave a comment