नई दिल्ली: कर्नाटक हाई कोर्ट (Karnataka HC) ने हिजाब मामले (Hijab Row) पर फैसला सुना दिया है और कहा है कि हिजाब इस्लाम (Islam) का जरूरी हिस्सा नहीं है. जिसके बाद एआईएमआईएम (AIMIM) के चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले से सहमत होने से इनकार कर दिया. ओवैसी ने कहा कि वो कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले से इत्तेफाक नहीं रखते हैं.

असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा?

असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया कि मैं हिजाब पर कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले से असहमत हूं. फैसले से असहमत होना मेरा अधिकार है और मुझे उम्मीद है कि याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे. मैं ये भी उम्मीद करता हूं कि न केवल एआईएमपीएलबी बल्कि अन्य धर्मों के संगठन भी इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे.

हिजाब और रोजा के सख्ती से पालन का है आदेश

एक अन्य ट्वीट में ओवैसी ने लिखा कि मुसलमानों के लिए ये अल्लाह का आदेश है कि वे सख्ती से (Salah, हिजाब, रोजा, आदि) का पालन करते हुए शिक्षित हों. अब सरकार लड़कियों को चुनने के लिए मजबूर कर रही है. अब तक न्यायपालिका मस्जिद, दाढ़ी रखने और अब हिजाब को गैर-जरूरी घोषित कर चुकी है. धर्म की स्वतंत्र अभिव्यक्ति के लिए क्या बचा है? 


महिलाओं के उत्पीड़न को ना बनाया जाए वैध

अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मुझे उम्मीद है कि इस फैसले का इस्तेमाल हिजाब पहनने वाली महिलाओं के उत्पीड़न को वैध बनाने के लिए नहीं किया जाएगा, जब बैंकों, अस्पतालों, सार्वजनिक परिवहन आदि में हिजाब पहनने वाली महिलाओं के साथ ऐसा होना शुरू हो जाएगा तब कोई केवल आशा कर सकता है और आखिर में निराश हो सकता है.

गौरतलब है कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने हिजाब मामले में दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है. कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा कि 5 फरवरी के सरकारी आदेश को अमान्य करने का कोई मामला नहीं बनता है.

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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