आरएसएस कार्यकर्ताओं का फूलो से स्वागत ‘मुस्लिम’ डॉक्टर को पड़ा महंगा, काम धंधा चौपट और ‘मौत’ का फरमान भी जारी

हैल्थ केयरआरएसएस कार्यकर्ताओं का फूलो से स्वागत 'मुस्लिम' डॉक्टर को पड़ा महंगा, काम धंधा चौपट और 'मौत' का फरमान भी जारी

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हिन्दू नव वर्ष पर संघ कार्यकर्ताओं का स्वागत करने की वजह से एक मुस्लिम डॉक्टर का इलाके में बहिष्कार शुरू हो गया. है गांव के एक व्यक्ति ने डॉक्टर के खिलाफ इलाके में पर्चे बांट दिए की सभी मुसलमान भाई इस डॉक्टर का बहिष्कार करें और जो उसकी हत्या कर देगा उसे एक लाख रुपये ईनाम दिया जायेगा.

आरोप है की मस्जिदों में भी इस तरह के पर्चे डाले गये और डॉक्टर को मस्जिद में न घुसने देने की धमकी दी गयी है. जिससे डॉक्टर मोहम्मद नाजिम भारती डरे सहमे हुए हैं. अपनी और परिवार की सुरक्षा की उन्हें चिंता हो रही है. मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गांव के ही इमरान नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है.

मामला मुरादाबाद के मैनाठेर कोतवाली इलाके के महमूद पुर माफ़ी गांव का है जहां डॉ मोहम्मद नाजिम भारती अपनी क्लिनिक चलाते हैं. डॉ नाजिम भारती के पास बीयूएमएस की डिग्री है और वह कई वर्षों से इलाके के लोगों का ईलाज कर रहे हैं. हिन्दू नव वर्ष पर जब आर एस एस के कार्यकर्ताओं का जुलुस डॉ नाजिम के क्लिनिक के पास से गुज़रा तो उन्होंने फूल बरसा कर संघ कार्यकर्ताओं का स्वागत किया और उनको नव वर्ष की बधाई दी.

आरोप है कि गांव के इमरान को इस से यह लगा की यह डॉक्टर मुस्लिम विरोधी है और इसका बहिष्कार होना चाहिए इसलिए रात के अंधेरे में इमरान ने गांव की दुकानों, मस्जिदों और लोगों के घरों पर एक पर्चा लिख कर बांट दिया, जिसमें डॉ नाजिम की हत्या करने पर एक लाख का इनाम देने की बात कही गयी है.

पर्चे में कही गई ये बात

इतना ही नहीं डॉ नाजिम का बहिष्कार पूरे मुस्लिम समाज से करने की बात इस पर्चे में कही गयी है. डॉ नाजिम का कहना है की जब से ये पर्चे इलाके में बाटें गये हैं तब से मुस्लिम मरीज़ उनके पास ईलाज कराने नहीं आ रहे हैं और उनका धंधा चौपट हो गया है.

डर की वजह से वह और उनका परिवार अपने घर में कैद हैं. डॉ नाजिम ने पुलिस प्रशासन ने अपनी सुरक्षा की मांग की है. अब डॉ नाजिम लोगों से गुहार लगा रहे हैं कि वह मुसलमान हैं और सभी धार्मिक कार्य करते हैं वह देश के वफादार हैं और मुस्लिम समाज उन्हें गलत न समझे जैसे पहले आते थे वैसे ही मेरे पास इलाज के लिए आते रहे.

मैं हिन्दुस्तानी मुसलमान हूं. तालिबानी मुसलमान नहीं हूँ. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इमरान नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. लेकिन डॉ नाजिम भारती के बहिष्कार का मामला चर्चा में बना हुआ है.

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