नई दिल्ली, 22 अक्टूबर: साल 2020 की शुरुआत में कोरोना महामारी ने भारत में दस्तक दी। इसके बाद सरकार को लॉकडाउन लागू करना पड़ा, जिस वजह से भारतीय मुसलमान हज यात्रा पर नहीं जा पाए। 2021 में वैक्सीन तो आ गई, लेकिन सऊदी अरब ने लगातार दूसरे साल भी दूसरे देशों से आने वाले लोगों को हज की इजाजत नहीं दी, हालांकि 2022 में राहत मिलने की उम्मीद है। इसको लेकर अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने शुक्रवार को एक घोषणा की।

मंत्रालय ने कहा कि 2022 की हज यात्रियों की चयन प्रक्रिया पूरी तरह से वैक्सीनेशन और जरूरी मापदंडों के आधार पर की जाएगी, जिसे भारत और सऊदी अरब मिलकर तय करेंगे। इसके बारे में विस्तार से गाइडलाइन तैयार की जा रही है। नवंबर के पहले हफ्ते में हज 2022 की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है इस बार सऊदी सरकार वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले विदेशियों को नियमों में छूट देकर यात्रा करवाएगी।

2021 में क्या थे नियम?
आमतौर पर जब हालात सामान्य रहते हैं, तो दुनियाभर के 20 लाख से ज्यादा मुसलमान हज यात्रा पर जाते हैं, लेकिन 2020 और 2021 में कोरोना की वजह से नियम बदल गए। इस साल 5 लाख लोगों ने हज के लिए आवेदन किया था, जिसमें 60 हजार लोगों का नाम लॉटरी के जरिए चुना गया। इसमें दूसरे देश से किसी को आने की इजाजत नहीं दी गई। हालांकि सऊदी में पहले से रह रहे दूसरे देशों के नागरिकों को इजाजत मिली थी। गाइडलाइन के हिसाब से हर तीन घंटे पर 6000 लोग मक्का पहुंचे और हर ग्रुप के लौटने के बाद स्टेरलाइजेशन किया गया। हज यात्रियों को 20-20 के ग्रुप में बांट दिया गया। जिनके साथ एक गाइड था, जो उन्होंने नियमों के बारे में बताता। वीं बस के जरिए मस्जिद पहुंचने के बाद यात्री ग्रुप में काबा की परिक्रमा करके लौट जाते थे। उम्मीद जताई जा रही कि टीकाकरण की वजह से 2022 की यात्रा में छूट मिल सकती है।

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