धर्म परिवर्तन कर शादी करने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। मुस्लिम युवक से शादी करने वाल हिंदू लड़की ने कोर्ट में बयान दिया था कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर शादी रचाई है। इसके बाद कोर्ट ने लड़की को पति के साथ रहने का फैसला सुना दिया है। 

ऐसा है मामला
असल में महासमुंद के बसना के रहने वाले मोहम्मद इरफान की पत्नी झगड़े के बाद उसे छोड़कर चली गई थी। इसके बाद इरफान ने एक हिंदू लड़की से निकाह कर लिया था। दैनिक भास्कर के मुताबिक इसके बाद लड़की के पिता ने थाने में शिकायत कर दी थी। पुलिस को जब शिकायत मिली तो उसने लड़की को नारी निकेतन भेज दिया था। वहीं जब मामले की कहीं सुनवाई नहीं हुई तो मुस्लिम शख्स ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दी। उसने बताया कि उसकी पत्नी ने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर शादी रचाई थी। लेकिन लड़की के पिता ने सांप्रदायिक रूप देकर झगड़ा बढ़ा दिया था।

कोर्ट में लंबी चली सुनवाई
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस अरुप कुमार गोस्वामी और जस्टिस गौतम चौरड़िया की बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान पता चला कि इरफान की पहले से ही शादी हुई थी और उसके दो बच्चे भी हैं। लेकिन कुछ विवाद के बाद पत्नी अलग रहने लगी और इस बीच उसका अफेयर एक हिंदू लड़की से हो गया था। दोनों की शादी के बाद लड़की के पिता ने याचिका दायर की कि पहली पत्नी की सहमति के बिना दूसरी शादी नहीं हो सकती।

यह भी सवाल उठा कि पहली पत्नी को भरण-पोषण दिया जा रहा है या नहीं। इरफान ने हाई कोर्ट में जवाब दिया कि वह अपनी पत्नी को भरण-पोषण दे रहा है। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। बाद में हिंदू लड़की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में उपस्थित हुई और बयान दिया कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर शादी की है।

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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