नई दिल्ली. बिजनेसमैन रतन टाटा (Ratan Tata) ने आधार कार्ड (Aadhaar card) के जरिए शराब बेचने की बात कहने के दावे को फर्जी बताया है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर साफ शब्दों में लिखा कि यह मैंने नहीं कहा है. टाटा संस के मानद चेयरमैन ने साफ किया कि आधार, शराब और फूड सब्सिडी पर उनके नाम और फोटो के साथ सोशल मीडिया पर वायरल (Social media viral post) किया जा रहा सनसनीखेज बयान वास्तव में एक फेक न्यूज (Fake News) थी. जब हम उन्हें मुफ्त भोजन देते हैं, तो वो शराब खरीदते हैं.

ये पोस्ट फेसबुक पर दिखाई दिया, जिसका एक स्क्रीनशॉट टाटा ने शुक्रवार को शेयर किया. इसमें गलत तरीके से टाटा के हवाले से कहा गया, “आधार कार्ड से शराब की बिक्री होनी चाहिए। शराब खरीदने वालों के लिए सरकारी फूड सब्सिडी बंद की जानी चाहिए, क्योंकि जिनके पास शराब खरीदने के लिए पैसे हैं, वे खाना भी जरूर खरीद सकते हैं.”

गलत है रतन टाटा के नाम की स्पेलिंग
इस फेक पोस्ट में सबसे बड़ी गलती, ये है कि इसके नीचे अंग्रेजी में लिखे रतन टाटा के नाम की स्पेलिंग ही गलत है. इसमें उनका नाम “Rathan Tata” लिखा गया है, जबकि उनके नाम की सही स्पेलिंग “Ratan Tata” है. टाटा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में इसके पीछे के व्यक्ति या समूह के नाम का खुलासा किए बिना पोस्ट का एक स्क्रीनग्रैब शेयर किया. उन्होंने बस इसे कैप्शन दिया, “मेरी तरफ से ऐसा कभी नहीं कहा गया. शुक्रिया.”

इंस्टाग्राम पर एक्टिव हैं रतन टाटा
रतन टाटा इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहते हैं. वे अपनी दिनचर्या के कुछ पल या अपनी पसंदीदा यादों से जुड़े पोस्ट करते रहते हैं. उनकी आखिरी पोस्ट टाटा एस्टेट स्टेशन वैगन के पास उनकी और जेआरडी टाटा की एक तस्वीर थी, जो भारतीय ऑटोमोटिव इतिहास में एक अहम मील का पत्थर था.

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