23.1 C
Delhi
Sunday, December 4, 2022
No menu items!

दिल्ली के द्वारका में हज हाउस बनाने के खिलाफ सड़क पर उतरे हिंदुत्ववादी संगठन, BJP अध्यक्ष भी पहुँचा समर्थन करने

- Advertisement -
- Advertisement -

नई दिल्ली. दिल्ली के द्वारका सेक्टर 22 इलाके में स्थित हज हाउस के खिलाफ विरोध की आवाजें उठ रही हैं और विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. यहां अलॉट किया गया 5,000 स्क्वॉयर मीटर का प्लॉट पिछले 13 वर्षों से लगभग खाली पड़ा है. इसमें आज तक निर्माण गतिविधि नहीं हुई है मगर फिर भी यहां और आसपास के इलाके में हज हाउस (Haj House) को लेकर विरोध और नाराजगी है. हिंदू संगठनों (Hindu Organizations) की ओर से हज हाउस के प्लॉट के सामने हो रहे विरोध-प्रदर्शन में काफी संख्या में आसपास के लोग जुटाए गए हैं. राजनीतिक फायदे नुकसान को देखते हुए बीजेपी (BJP) भी इस अभियान में शामिल हो गई है. बीजेपी दिल्ली के अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Adesh Gupta) भी प्रदर्शन में पहुंचे और इसको अपने समर्थन का ऐलान किया.

प्रदर्शन करने वालों में बीजेपी के पूर्व विधायक सत्य प्रकाश राणा भी शामिल थे. उनका कहना है कि आखिर यहां पर ही क्यों हज हाउस बनाया जा रहा है. यहां मुस्लिमों की आबादी नहीं है. यहां पास में ही लड़कियों का कॉलेज बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के आसपास बहुत जगह खाली है जहां हज हाउस बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हम हज हाउस नहीं बनने देंगे. दिल्ली सरकार 100 करोड़ रुपए लगाना चाहती है आखिर वो इससे अस्पताल, कॉलेज, स्कूल क्यों नहीं बनवाती.

13 वर्षों में हज हाउस में नही लगी एक भी ईंट

- Advertisement -

दरअसल पिछले 13 साल से हज हाउस के लिए यहां अलॉट किया गया 5,000 वर्ग मीटर का प्लॉट खाली पड़ा है. इसकी एक तरफ की बाउंड्री वॉल गिराई जा चुकी है. दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने वर्ष 2008 में दिल्ली के द्वारका इलाके में एक बहुआयामी हज हाउस बनाने का ऐलान किया था. उन्होंने सात जुलाई, 2008 को इस हज हाउस प्रोजेक्ट का फाउंडेशन स्टोन रखा था. लेकिन उस समय भी शिवसेना ने इसका विरोध किया था और आधारशिला व फाउंडेशन स्टोन को तोड़ दिया गया है. अभी भी यहां मौजूद काले रंग का यह पत्थर शीला दीक्षित के प्रयास की गवाही दे रहा है. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि यह विवाद पुराना है.

वहीं, मटिया महल क्षेत्र से विधायक शोएब इकबाल ने भी हज हाउस को द्वारका ले जाने का विरोध किया था. जिसके चलते यह पूरा प्रोजेक्ट लंबित होता चला गया और 2013 तक मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित के कार्यकाल के दौरान हज हाउस का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका.

आम आदमी पार्टी की सत्ता और हज हाउस

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीन साल पहले हज हाउस के लिए बजट देने का एलान किया था. हर साल बजट मिलना था जिसके तहत लगभग 100 करोड़ की लागत से हज हाउस बनाया जाना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ. दिल्ली सरकार पिछले कई वर्षो से अपने बजट प्लान में हज हाउस के लिए बजट एलोकेशन करती आ रही है. बावजूद इसके यहां (द्वारका सेक्टर 22) इसके निर्माण कार्य शुरू होने के कोई आसार नहीं दिखते.

हज हाउस के मुद्दे पर विवाद कैसे शुरू हुआ

ऑल द्वारका रेजिडेंट वेलफेयर फेडरेशन की ओर से दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को एक खत लिखा गया था जिसमें उनसे हज हाउस के अलॉटमेंट की जगह को कैंसिल करने की अपील की गई. फेडरेशन की ओर से लिखे गए विवादित पत्र में कहा गया कि अगर यहां हज हाउस बना तो इलाके से हिंदुओं का पलायन होगा, यह इलाका शाहीन बाग बन जायेगा. यहां दंगे भड़क सकते हैं और ट्रैफिक की समस्या पैदा होगी. इसके बाद इस मुद्दे पर विवाद गहरा गया.

हज हाउस निर्माण को लेकर लोगों की राय एक नहीं

हज हाउस जैसे मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन और पत्र लिखे जाने को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है. द्वारका में एडीआरएफ के अलावा एक दूसरी फेडरेशन भी है जिसके अध्यक्ष ने इस पूरे मुद्दे पर एडीआरएफ की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि द्वारका इलाके में कुछ लोग नफरत फैला रहे हैं और राजनीति के लिए काम कर रहे हैं.

इसी इलाके में रहने वाली सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी में इसे राजनीति से प्रेरित बताया. उनका कहना है कि कॉरपोरेशन चुनाव करीब आ रहे हैं इसलिए यह विवाद खड़ा किया जा रहा है. एक ऐसा प्लॉट जिस पर कोई निर्माण कार्य नहीं हो रहा. पिछले 13 वर्षों से कुछ नहीं हुआ. सिर्फ योजना को लेकर विवाद बताता है कि इसके पीछे और कुछ है. यह सिर्फ राजनीति है. उन्होंने कहा कि द्वारका इलाके में सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और यह मेट्रोपॉलिटन सिटी है. वहीं, इसी क्षेत्र की एक निवासी लीना ने बताया कि जिस तरह की चिट्ठी लिखी गयी है वो लोगों को भड़काने वाला है. हम इस फेडरेशन को नहीं मानते और जानते. यह हम सब को रिप्रेजेंट नहीं करती.

द्वारका के दूसरे अल्पसंख्यकों में दिखी चिंता

इस पूरे विवाद के बाद द्वारका इलाके में रहने वाले अन्य समुदायों में खास तौर से चिंता देखने को मिल रही है. यहां के निवासी रोजर सैम्यूल ने एक वीडियो जारी कर चिंता जाहिर की कि आज मुस्लिम समुदाय को हज हाउस द्वारा निशाना बनाया जा रहा है. इसके बाद क्रिश्चियन कम्युनिटी और उसके बाद सिख समुदाय का नंबर आएगा. उन्होंने कहा कि जो चिट्ठी एडीआरएफ के जरिए लिखा गया है वो सेक्रेटरी द्वारा अपनी पोस्ट का मिसयूज और दुरुपयोग है.

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान

इस मसले को हिंदू संगठनों ने व्यापक तौर पर उठाने का फैसला करते हुए आठ अगस्त को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है. उनका कहना है केजरीवाल सरकार को हम चेतावनी दे रहे हैं कि वो यहां हज हाउस ना बनाएं. जाहिर है चुनाव करीब है इसलिए आने वाले समय में यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति में और गरमाने वाला है

- Advertisement -
Jamil Khan
Jamil Khan
Jamil Khan is a journalist,Sub editor at Reportlook.com, he's also one of the founder member Daily Digital newspaper reportlook
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here