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Monday, December 5, 2022
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AUKUS समझौते पर भड़का फ्रांस, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से अपने राजदूतों को वापस बुलाया

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फ़्रांस ने घोषणा की है कि वह विचार-विमर्श करने के लिए अपने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के राजदूतों को वापस बुला रहा है. इसे उस सुरक्षा समझौते के विरोध के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें ब्रिटेन भी शामिल है. 

फ़्रांस के विदेश मंत्री ने कहा है कि स्थिति की ‘असाधारण गंभीरता’ को देखते हुए यह ‘असाधारण फ़ैसला’ उचित है.

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हाल ही में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन ने एक समझौता किया है जिसे ऑकस कहा जा रहा है. इसमें ऑस्ट्रेलिया को परमाणु ऊर्जा से पनडुब्बी बनाने की तकनीक दी जाएगी.

इस फ़ैसले के बाद फ़्रांस बेहद हताश है क्योंकि उसका ऑस्ट्रेलिया के साथ किया गया अरबों डॉलर का समझौता ख़त्म हो गया है. 

इस समझौते को दक्षिण चीन सागर में बढ़ते चीन के दबदबे को समाप्त करने की दिशा में एक क़दम बताया जा रहा है. बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने इसकी घोषणा की थी.

फ़्रांस को इस गठबंधन की घोषणा इसके सार्वजनिक होने से कुछ ही घंटों पहले दी गई थी.

फ़्रांस के विदेश मंत्री ज़्यां ईवरे द्रियां ने शुक्रवार रात को बयान जारी किया जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निवेदन पर राजदूतों को वापस बुलाया गया है.

फ़्रांसीसी विदेश मंत्री ने कहा कि यह सौदा ‘एक अस्वीकार्य रवैया सहयोगियों और साझेदारों के बीच बनाता है जो कि सीधे तौर पर हमारे गठबंधनों, हमारे साझेदारों की दृष्टि और यूरोप में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के महत्व को प्रभावित करता है.’

अमेरिका ने क्या बोला

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी का कहना है कि बाइडन प्रशासन ने इस क़दम पर खेद व्यक्त किया है और मतभेदों को सुलझाने के लिए आने वाले दिनों में फ़्रांस से बातचीत की जाएगी. 

वॉशिंगटन में ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मरीस पेन ने कहा कि वो फ़्रांस की ‘निराशा’ को समझती हैं और उन्होंने उम्मीद जताई है कि वो फ़्रांस को यह समझाएंगी कि ‘द्विपक्षीय संबंध को हम महत्व देते हैं.’ 

मित्र राष्ट्रों के बीच राजदूतों को वापस बुलाना बेहद असामान्य है और यह माना जा रहा है कि फ़्रांस ने पहली बार दोनों देशों से अपने दूतों को वापस बुलाया है.

वॉशिंगटन में फ़्रांस के राजनयिकों ने पहले ही अमेरिका-फ़्रांस के संबंधों पर शुक्रवार को प्रस्तावित एक उत्सव को रद्द कर दिया था.

तीन देशों के बीच हुए इस समझौते के बाद ऑस्ट्रेलिया दुनिया में ऐसा चौथा देश बन जाएगा जिसके पास परमाणु पनडुब्बियां होंगी. इस सौदे के तहत ऑस्ट्रेलिया के साथ साइबर क्षमता, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और अन्य समुद्री तकनीक साझा की जाएंगी. 

इस घोषणा के बाद ऑस्ट्रेलिया के फ़्रांस के साथ 37 अरब डॉलर का सौदा समाप्त हो गया है. 2016 में हुए इस सौदे के तहत फ़्रांस ऑस्ट्रेलिया के लिए 12 पारंपरिक पनडुब्बियां बनाता. 

दूसरी ओर चीन ने आरोप लगाया है कि तीनों देशों ने यह सौदा ‘शीत युद्ध की मानसिकता’ से किया है.

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Jamil Khan
Jamil Khan
Jamil Khan is a journalist,Sub editor at Reportlook.com, he's also one of the founder member Daily Digital newspaper reportlook
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