उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के ऐलान से चंद दिन पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और समाजवादी पार्टी (सपा) में माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं.

सपा ने अब बाहुबली और पूर्व सांसद धनंजय सिंह का एक वीडियो ट्वीट करते हुए योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है.

सपा के प्रवक्ता जितेंद्र वर्मा जीतू ने ट्वीट किया- ‘ये ब्राम्हण होता तो गाड़ी पलट जाती ये, मुस्लिम होता तो घर गिरा दिया जाता, ये पिछड़ी व दलित जाति से होता तो फर्जी इनकाउंटर होता, ये यादव होता तो कोतवाली में हत्या हो जाती, ये मुख्यमंत्री जी की जाति का ठाकुर है, इसलिए बचा है.’

सपा ने ट्वीट किया वीडियो

क्रिकेट खेलते हुए धनंजय सिंह का वीडियो ट्वीट करते हुए सपा ने लिखा, ‘फर्क साफ है! मुख्यमंत्री से जुड़े माफिया ‘खेल’ रहे क्रिकेट, 25000 के इनामी माफिया धनंजय सिंह सत्ता के संरक्षण में पुलिस की नाक के नीचे ले रहे खुले आसमान के नीचे खेल का मजा, “डबल इंजन” सरकार के बुलडोजर को नहीं मालूम इनका पता! जनता सब देख रही, बाईस में भाजपा साफ.’

इसी वीडियो को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट करके योगी सरकार पर निशाना साधा है. अखिलेश ने लिखा, ‘बाबा जी अपने करीबी नालबद्ध माफ़ियाओं के टॉप टेन की सूची बनाकर एक टीम बना लें और आईपीएल की तरह एक ‘एमबीएल’ मतलब ‘माफिया भाजपा लीग’ शुरू कर दें.’

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगे लिखा, ‘शहर के पुलिस कप्तान तो उनके लिए पिच बिछाए बैठे ही हैं और टीम कप्तान वो ख़ुद हैं ही. हो गए पूरे ग्यारह.’ अखिलेश यादव ने कहा, ‘भाजपा का काम ~ अपराधी सरेआम!’

इस वीडियो को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अब योगी सरकार पर निशाना साध रहे हैं. हरदोई के सपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा ने कहा, ‘ये ब्राम्हण होता तो गाड़ी पलट जाती ये,मुस्लिम होता तो घर गिरा दिया जाता, ये पिछड़ी व दलित जाति से होता तो फर्जी इनकाउंटर होता ये यादव होता तो कोतवाली में हत्या हो जाती ये मुख्यमंत्री जी की जाति का ठाकुर है इसलिए बचा है #फर्कसाफहै .’

कौन हैं धनंजय सिंह?

धनंजय सिंह, जौनपुर के बाहुबली नेता हैं और वह सांसद रह चुके हैं. 2020 में मल्हानी सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान दिए गए हलफनामे के मुताबिक, धनंजय सिंह पर 7 मुकदमें दर्ज हैं. बीते साल लखनऊ में पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि अजीत सिंह की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में धनंजय सिंह का नाम सामने आया था. 

दरअसल, पुलिस की छानबीन में सामने आया था कि एक शूटर को पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने शरण दी थी और उसका इलाज भी कराया था. इसके बाद हत्याकांड की साजिश रचने में धनंजय का नाम उजागर हुआ और मुकदमे में नाम बढ़ाया गया था. पुलिस की रिकॉर्ड में धनंजय सिंह फरार है. उन पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम रखा है.

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