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बिना लड़े ताइवान पर कब्जा कर लेगा चीन! ‘ग्रे जोन’ स्ट्रैटेजी का कर रहा इस्तेमाल

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China Taiwan Dispute: चीन में इस समय जिस तरह के हालात बने हुए हैं, उससे इस बात की आशंका बढ़ गई है कि वह ताइवान के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठा सकता है. चीन ने कोरोना वायरस के प्रकोप का बहाना बनाते हुए लोगों से कहा है कि खाने का सामान इकट्ठा कर लें, जिससे बाजारों में भगदड़ जैसी स्थिति बनी हुई है. इसके अलावा वो ताइवान में आए दिन घुसपैठ कर रहा है. बीते महीने राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping on Taiwan) के एक बयान के बाद भी चीन की ताइवान को लेकर मंशा साफ हो गई थी, शी ने कहा था कि ताइवान को शांति से चीन में मिला लिया जाएगा, हालांकि ताइवान ने इसका कड़ा विरोध किया और कहा कि चीन उसके भविष्य का फैसला नहीं कर सकता.

ताइवान खुद को एक संप्रभु देश मानता है, जबकि चीन दावा करता है कि वह चीन का ही हिस्सा है. इसी बीच ताइवान ने मंगलवार को चीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं (Taiwan Defense Ministry Report). उसने कहा है कि चीन सीधे सैन्य संघर्ष में उलझे बिना उसकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करके और लोगों की राय को प्रभावित करके द्वीप को अपने नियंत्रण में लेना चाहता है. ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने एक द्विवार्षिक रिपोर्ट में कहा कि चीन ताइवान पर दबाव बनाने के लिए ‘ग्रे जोन’ रणनीतियों का इस्तेमाल कर रहा है. ‘ग्रे जोन’ रणनीति के तहत कोई विरोधी बड़े पैमाने पर सीधे संघर्ष से बचते हुए अपने हित साधने के लिए अप्रत्यक्ष तरीके से दबाव बनाता है.

149 सैन्य विमान भेजे थे

चीन सैन्य अभ्यास करके और द्वीप के निकट विमान भेजकर ताइवान के खिलाफ बल प्रयोग के अपने खतरों को बढ़ा रहा है. चीन ने अक्टूबर की शुरुआत में अपने राष्ट्रीय दिवस पर ताइवान के दक्षिण पश्चिम में 149 सैन्य विमान भेजे थे, जिसके बाद ताइवान को अपनी वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय करना पड़ा था. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ताइवान की वायुसेना को कमजोर करने के प्रयासों को दर्शाता है (China Taiwan Relations). उसने कहा कि चीन ताइवान के खिलाफ जो रणनीति अपना रहा है, उसमें साइबर युद्ध छेड़ना, दुष्प्रचार करना और ताइवान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के लिए मुहिम चलाना शामिल है, ताकि ताइवान को कोई युद्ध किए बिना चीन की शर्तें मानने पर मजबूर किया जा सके.

प्रमुख बंदरगाहों पर नाकेबंदी

ताइवान ने ये भी कहा है कि चीन दबाव बनाने के लिए उसके यातायात के लिंक्स, प्रमुख बंदरगाहों और हवाई अड्डों को अवरुद्ध कर सकता है (Taiwan Allegations on China). रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ताइवान के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए लगातार अपनी हवाई, समुद्री और सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर रहा है. इन क्षमताओं में ही ताइवान के प्रमुख बंदरगाहों, संचार के लिए हवाई और समुद्री लाइनों को काटना, हवाई अड्डों और देश के बाहर जाने वाले विमानों की नाकेबंदी करना शामिल है (China Taiwan Tensions). रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन बैलिस्टिक मिसाइल या फिर क्रूज वेरिएंट से भी ताइवान पर हमला करने में सक्षम है.

क्या है ये पूरा विवाद?

चीन और ताइवान 1949 के गृहयुद्ध में अलग हो गए थे. अमेरिका ने साम्यवादी चीन को मान्यता देने के लिए 1979 में ताइवान से औपचारिक कूटनीतिक संबंध खत्म कर दिए थे, लेकिन वह कानून के तहत यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ताइवान अपनी रक्षा स्वयं कर सके और वह उसके प्रति सभी खतरों को गंभीर चिंता का विषय मानता है (China Taiwan Conflict Reason). ‘सीएनएन टाउन हॉल’ में यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका, ताइवान की रक्षा के लिए आगे आएगा, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था, ‘हां, ऐसा करना हमारी प्रतिबद्धता है.’ इसके तुरंत बाद अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि ताइवान को लेकर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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