पॉपुलर कॉमेडी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah)’ सालों से दर्शकों का मनोरंजन करता आ रहा है. सिर्फ कॉमेडी के लिए ही नहीं, बल्कि यह शो अपनी कहानियों के जरिए कई सोशल मैसेज देने के लिए भी जाना जाता है. हालांकि, हाल ही में ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की टीम एक फैक्ट में गलती को लेकर रडार पर आ गई. विवाद इतना बढ़ा कि मेकर्स और पूरी टीम को सभी दर्शकों से अलग से माफी तक मांगनी पड़ी. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला-

हुआ यूं कि शो के पिछले दो एपिसोड्स में गोकुलधाम सोसायटी के मेंबर्स के बीच म्यूजिकल नाइट दिखाई गई, जहां आइकॉनिक गानों पर चर्चा चल रही थी. इस चर्चा के बीच, लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का मोस्ट पॉपुलर गाना ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ को लेकर गलत जानकारी दी गई. कहा गया कि ये गाना साल 1965 में रिलीज हुआ था. ये एपिसोड ऑनएयर होने के बाद खूब बवाल मचा. इसी को लेकर शो के मेकर्स ने सोशल मीडिया पर एक पत्र लिखकर सब लोगों से माफी मांगी.

प्रोड्यूसर और टीम ने सभी से मांगी माफी
प्रोड्यूसर असित कुमार मोदी (Asit Kumar Modi) और ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा‘ की टीम की तरफ से एक हस्ताक्षरित नोट में लिखा गया है, “हम अपने दर्शकों, प्रशंसकों और शुभचिंतकों से माफी मांगना चाहते हैं. आज के एपिसोड में, हमने अनजाने में 1965 का जिक्र ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गीत के रिलीज वर्ष के रूप में किया. हम अपनी इस गलती को सुधारना चाहते हैं. यह गीत 26 जनवरी, 1963 को रिलीज किया गया था. हम भविष्य में भी सावधान रहने का वादा करते हैं. हम आपके समर्थन और प्यार की सराहना करते हैं.”

शो के ‘बापूजी’ ने दी थी ये जानकारी
दरअसल, शो में भिड़े आइकॉनिक गाने बजा रहे थे और लता मंगेशकर का गाना ‘ऐ मेरे वतन के लोगों (Aye Mere Watan Ke Logon)’ बज रहा था. शो में बापूजी सबको बताते हैं कि ‘ये गाना 1965 में रिलीज हुआ था. ये गाना भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि के तौर पर कंपोज किया गया था, जो भारत-चीन के युद्ध में शहीद हो गए थे’. लेकिन यह गाना साल 1963 में गणतंत्र दिवस पर रिलीज हुआ था और इसलिए टीम को माफी मांगनी पड़ी. मालूम हो कि यह गीत लता मंगेशकर के सबसे प्रतिष्ठित गीतों में से एक है. भारत की कोकिला लता जी का फरवरी 2022 में निधन हो गया

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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