जमीयत उलेमा-ए- हिंद के अध्यक्ष सैयद अरशद मदनी ने एक ट्वीट किया है। उन्होंने कानून व्यवस्था को सवाल उठाया है और सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने सजा और बदले के सभी कानून अपने हाथ में ले लिए हैं, उनके मुंह से निकलने वाले शब्द ही कानून बन जाते हैं।

इसके साथ कहा कि अब लगता है कि देश में न जजों की और न ही अदालतों की जरूरत है। पानी सर से ऊपर जा रहा है और अंत में Save Democracy लिखा।

सरकार पर हमला बोलते हुए मदनी ने ट्वीट किया कि “ऐसा लगता है कि अब भारत में क़ानून के शासन का समय समाप्त हो गया है। सज़ा और बदले के सभी अधिकार सरकारों ने अपने हाथ में ले लिए हैं, उनके मुंह से निकलने वाले शब्द ही क़ानून हैं। ऐसा लगता है अब न देश में अदालतों की ज़रूरत है और न जजों की, अब पानी सर से ऊपर होता जा रहा है। SaveDemocracy”

इससे पहले भी 10 जून को हुई हिंसा के बाद सहारनपुर में यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए लड़कों की पिटाई के वायरल होने के बाद मदनी ने ट्वीट कर कहा था कि कानून लागू करने वाली एजेंसियां ​​खुद असंवैधानिक उपाय कर रही हैं।

शांति विरोध एक बुनियादी मानव अधिकार है प्रदर्शनकारियों को पुलिस थाने में जानवरों की तरह पीटना गिरफ्तार करना और उनके घरों को ध्वस्त करना जुल्म है लोगों को उनके लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार से वंचित करने की साजिश है।

बता दें, योगी सरकार के 10 जून को प्रयागराज में हुई हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद पंप के घर को गिरफ्तारी के एक दिन बाद ही गिरा दिया गया है, जिसके बाद जावेद पंप की बेटी बेटी सुमैया फातिमा ने दावा किया था कि पीडीए (Prayagraj Development Authority) ने मेरे पिता के नाम पर नोटिस जारी कर और मेरी मां के घर को गिरा दिया। यह घर मेरी मां को दो दशक पहले उनके पिताजी कलीमुद्दीन सिद्दीकी ने गिफ्ट किया था

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