सुप्रीम कोर्ट हाल ही में जेल से रिहा हुए सपा नेता आजम खान की अर्जी पर इस सप्ताह सुनवाई को तैयार हो गई है। इस याचिका में यूपी के रामपुर स्थित अली जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर के मंडराते खतरे को चुनौती दी गई है।

दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में उन्हें जमानत देने के आदेश के साथ ही रामपुर कलेक्टर को जौहर यूनिवर्सिटी द्वारा जमीन पर किए गए अवैध को मुक्त कराने का निर्देश दिया है। इससे जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलाए जाने की संभावना है।

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने मंगलवार को आजम खान की ओर से पेश होकर सुप्रीम कोर्ट से मामले की अर्जेंट सुनवाई करने की गुहार लगाई। इस पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने कहा कि वह इस मामले को इसी सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करेगी।

10 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा नेता खान को जमीन पर अवैधानिक कब्जे से संबंधित एक मामले में जमानत दी थी। यह केस वक्फ की संपत्ति पर अवैध कब्जे का है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला कलेक्टर रामपुर को निर्देश देने के साथ ही आजम खान पर विभिन्न शर्तें लगाई हैं।

30 जून तक भूमि का कब्जा लेने का निर्देश

रामपुर कलेक्टर को यूनिवर्सिटी की भूमि का अभिरक्षक व प्रशासक मानने के साथ इस जमीन को विवाद की जड़ माना गया है। कलेक्टर को निर्देश दिया गया है कि वह सिंघन खेड़ा, परगना और तहसील-सदर, जिला रामपुर की 13.842 हेक्टेयर जमीन की नपती कराएं। इसके बाद इसकी चारदीवारी बनवाएं और चारों ओर कंटीले तार लगवाकर इसका भौतिक कब्जा प्राप्त करें। यह आदेश शत्रु संपत्ति प्रशासक मुंबई की ओर से अधिकतम 30 जून 2022 तक करने का निर्देश दिया गया है।

आजम खान कुछ दिनों पूर्व ही जमानत पर रिहा हुए हैं। वह उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों के सिलसिले में फरवरी 2020 से यूपी की सीतापुर जेल में बंद थे।

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