कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा कवच बना कोरोनारोधी टीका जीते जी लोगों को कतार में लगने के बाद भी बेशक नहीं लग पा रहा हो लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने पांच माह पहले कोरोना से जान गंवा चुके बुजुर्ग को टीके की दूसरी डोज जरूर लगा दी है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के इस सनसनीखेज मामले के उजागर होते ही अधिकारियों के भी होश उड़ गए। सीएमओ ने इस प्रकरण की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

शास्त्रीनगर के रहने वाले कपिल सक्सेना ने बताया कि उनके 79 वर्षीय पिता विश्व बिहारी सक्सेना ने 18 मार्च 2021 को कविनगर स्थित मानव अस्पताल में कोरोनारोधी टीके की पहली डोज लगवाई थी। कोरोना संक्रमित होने पर 7 मई को उनका निधन हो गया। कपिल के मुताबिक 18 अक्टूबर की शाम को उनके मोबाइल फोन पर संदेश आया कि विश्व बिहारी सक्सेना को वैक्सीन की दूसरी डोज सफलतापूर्वक लग गई है। कोविन एप से प्रमाण-पत्र डाउनलोड किया जा सकता है। कपिल ने प्रमाणपत्र डाउनलोड किया तो वह चौक गए। तुरंत कोविन एप पर इसकी शिकायत दर्ज कराते हुए जांच का अनुरोध किया।

शिकायत में उन्होंने लिखा कि उनके पिता का निधन हो चुका है, फिर वैक्सीन की दूसरी डोज कैसे लग गई। प्रमाणपत्र में वैक्सीन की दूसरी डोज शास्त्रीनगर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कार्टे पर रीता नाम की स्वास्थ्य कर्मी द्वारा लगाया जाना दर्शाया गया है। इससे पहले भी जिले में कई लोगों के केंद्र पर जाए बिना ही वैक्सीनेशन का संदेश मिल चुका है।

डा. भवतोष शंखधर (सीएमओ, गाजियाबाद) का कहना है कि संज्ञान में आया है कि मृतक बुजुर्ग को यूपीएचसी कार्टे पर वैक्सीन की दूसरी डोज लगा दी गई है। यह गंभीर मामला है। इस प्रकरण की जांच के आदेश जारी कर दिए है। जांच एसीएमओ डा.सुनील त्यागी और विश्राम ¨सह को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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