कहानी: एक ऐसे भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी की, जिसके पिता नाई की दुकान चलाते है, बेटा Asia Cup में दिग्गजों को अभ्यास करवा रहा है।

खेलकहानी: एक ऐसे भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी की, जिसके पिता नाई की दुकान चलाते है, बेटा Asia Cup में दिग्गजों को अभ्यास करवा रहा है।

इस बार विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए एशिया कप-2022 कुछ खास भी और दिलचस्प होने वाला है। क्योंकि रीवा जिले के ख्यातिप्राप्त तेज गेंदबाज और आईपीएल खिलाड़ी कुलदीप सेन का 28 अगस्त से दुबई में खेले जाने वाले एशिया कप में भाग लेने वाली 18 सदस्यीय भारतीय टीम में चयन हुआ है।दूसरे नंबर के छोटे भाई राजदीप सेन ने जानकारी देते हुए बताया की 22 अगस्त की रात इंडियन टीम के मुख्य सिलेक्टर चेतन शर्मा का कुलदीप को फोन आया ।

उन्होंने कुलदीप को मुंबई पहुंचने के लिए कहा। बुधवार रात टीम दुबई के लिए रवाना भी हो गई। क्रिकेट का एशिया कप 27 अगस्त से 11 सितंबर के बीच दुबई में खेला जाएगा।

कुलदीप भारतीय टीम को कराएगा नेट अभ्यास

27 अगस्त से एशिया कप 2022 की शुरुआत हो रही है। 28 अगस्त को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इंडिया अपना पहला मुकाबला पाकिस्तान के साथ खेलने वाला है। शानदार मैच से पहले भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड यानी बीसीसीआई ने बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज कुलदीप सेन नेट बॉलर के तौर पर टीम में शामिल किए गए हैं। दीपक चाहर की इंजरी को लेकर जो जानकारी सामने आ रही है बीसीसीआई ने उसे भी बकवास बता दिया है।

पिता आज भी चलाते हैं नाई की दुकान

तेज गेंदबाजी करने वाले कुलदीप सेन का जन्म 28 अक्टूबर 1996 को रीवा जिले के सिमरिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरिहरपुर में हुआ था। उन्होने विषम अर्थिक परिस्थितियों के बावजूद 13 वर्ष की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। उनके पिता रामपाल सेन की सिरमौर चौराहे पर सैलून की दुकान है। 3 भाइयों में सबसे बड़े कुलदीप क्रिकेटर हैं। दूसरे नंबर के भाई राजदीप सेन का हाल में मध्यप्रदेश पुलिस में चयन हुआ है। तीसरे नंबर के जगदीप सेन कोचिंग चलाते हैं। साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कर रहे हैं। आईपीएल के कई मैचों में कुलदीप ने 149 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बॉलिंग कर चुके हैं। साथ ही घरेलू क्रिकेट और रणजी में शानदार प्रदर्शन के कारण राजस्थान रॉयल्स टीम ने आईपीएल में 20 लाख रुपए पर खरीदा था। आईपीएल के कई मैचों में अच्छी गेंदबाजी के दम पर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। ऐसे में भारतीय टीम में स्टैंड बाय के रूप में शामिल हुए हैं।

कुलदीप का क्रिकेट खेलना पिता को नहीं था पसंद

बताते चलें कि की कुलदीप सैन के पिता के रीवा के सिरमौर चौराहा में एक छोटा सा सैलून है। उनके पिता को कुलदीप के क्रिकेट खेलने से नफरत थी लेकिन कुलदीप अपनी जिद पर अड़े रहे। उनकी यही जिद आज उन्हे भारतीय टीम का ने बॉलर बना दिया है। अगर वह आने वाले समय में भी अच्छा प्रदर्शन करते रहे तो भारतीय टीम में अपनी जगह अवश्य बना लेंगे।

2018 में किया था डेब्यू

5 भाई-बहनों में तीसरे सबसे बड़े कुलदीप सेन ने महज 13 साल की उम्र में ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। यहां तक ​​कि जिस एकेडमी के लिए उन्होंने खेला, उसने कुलदीप की शुल्क माफ कर दी गई ताकि वह अपने सपनों को साकार कर सके। कुलदीप ने वर्ष 2018 में रणजी ट्रॉफी मुकाबले के जरिए अपना डेब्यू किया था।

जब पंजाब के खिलाफ एक पारी में लिए थे 5 विकेट

अपने डेब्यू घरेलू सीजन में कुलदीप सेन ने पंजाब के खिलाफ 1 पारी में 5 विकेट लिए थे और उस सीजन का अंत 25 विकेट के साथ किया था। 25 वर्ष के कुलदीप सेन ने अबतक 16 प्रथम श्रेणी मैचों में 44 विकेट हासिल किए हैं, जबकि लिस्ट-ए में उनके नाम पर 4 विकेट दर्ज हैं। टी20-20 करियर की बात की जाए तो इस तेज गेंदबाज ने अबतक 25 मुकाबलों में 20 विकेट लिए हैं।

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