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Tuesday, November 29, 2022
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हिजाब के साथ क्लास में जाने से रोका, इंग्लिश लेक्चरर ने नौकरी को ‘मारी लात’

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कर्नाटक (Karnataka) में हिजाब को लेकर जारी विवाद (Hijab Controversy) थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक के बाद एक ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं. जिससे यह मामला और ज्यादा तूल पकड़ता नजर आ रहा है. राज्य के प्राइवेट प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज (Pre University College) की एक अंग्रेजी लेक्चरर (English Lecturer) ने हिजाब के साथ क्लास में एंट्री नहीं मिलने पर कॉलेज प्रबंधन को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इस्तीफा देने वाली लेक्चरर का कहना है कि यह उनके स्वाभिमान की बात है. वो हिजाब के बिना नहीं पढ़ा सकतीं.

पिछले तीन सालों से तुमकुरु (Tumakuru District) के जैन पीयू कॉलेज में इंग्लिश लेक्चरर (गेस्ट) के तौर पर पढ़ा रहीं चांदिनी नाज़ ने एक पत्र में कहा, ‘मैं इंग्लिश लेक्चरर के अपने पद से इस्तीफा दे रही हूं. क्योंकि आपने (कॉलेज प्रबंधन) मुझसे हिजाब हटाकर क्लास में जाने की मांग की थी. मैं हिजाब को आपके कॉलेज में पिछले तीन सालों से पहन रही हूं. मैं बिना हिजाब के कंफर्टेबल नहीं हूं. धर्म का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है जिसे कोई भी नकार नहीं सकता. धन्यवाद, मैं आपके अलोकतांत्रिक कृत्य (Undemocratic Act) की निंदा करती हूं.’ चांदिनी ने कॉलेज प्रबंधन को यह इस्तीफा 16 फरवरी को लिखा था.

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‘मेरे सेल्फ-रिस्पेक्ट को ठेस पहुंची’

चांदिनी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘मैं इस संस्था के साथ तीन साल से काम कर रही हूं. कॉलेज प्रबंधन ने मुझसे कभी अपना हिजाब हटाने के लिए नहीं कहा और मैं हमेशा की तरह अपना काम करती रही. लेकिन जब उन्होंने मुझसे बिना हिजाब क्लास में जाने को कहा, तो यह मेरे सेल्फ-रिस्पेक्ट की बात थी और मैंने बिना कोई हल्ला मचाए बस अपना इस्तीफा दे दिया.’ चांदिनी ने कहा, ‘तीन सालों में मुझे कोई समस्या नहीं हुई. मैंने यहां आराम से काम किया. लेकिन, फिर मेरे प्रधानाध्यापक ने मुझे फोन किया और कहा कि क्लासेस बिना हिजाब या किसी धार्मिक प्रतीक वाली वस्तु के बिना संचालित की जानी चाहिए.’

‘अब उस कॉलेज में काम नहीं करना चाहती’

इंग्लिश लेक्चरर ने कहा, ‘पिछले तीन सालों से मैं हिजाब पहनकर लेक्चर दे रही हूं. इस फैसले से मेरे स्वाभिमान को ठेस पहुंची है और मैं अब उस कॉलेज में काम नहीं करना चाहती थी. इसलिए, मैंने अपनी मर्जी से इस्तीफा दे दिया.’ जैन पीयू कॉलेज की प्रिंसिपल केटी मंजूनाथ ने दिप्रिंट को बताया, ‘वह (नाज़) पार्ट-टाइम लेक्चरर थीं और हिजाब पहनकर क्लास में आती थीं. कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) के अंतरिम आदेश के बाद, हमने उन्हें स्टाफ रूम में हिजाब हटाकर क्लास में जाने के लिए कहा, लेकिन वह ऐसा नहीं करना चाहती थी और इसलिए उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया.’ मंजूनाथ ने कहा, ‘हम एक प्राइवेट कॉलेज हैं. प्रबंधन जो भी कहेगा, हमें उसका पालन करना होगा. हम इस बात को लेकर चिंतित थे कि अगर एक लेक्चरर को हिजाब पहनने और पढ़ाने की अनुमति दे दी जाती तो मुस्लिम छात्राएं भी फिर ऐसा करतीं.’

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Jamil Khan
Jamil Khanhttps://reportlook.com/
journalist | chief of editor and founder at reportlook media network
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