हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram Namaz Controversy) में खुले में नमाज पढ़ने से संबंधित विवाद अब ख़त्म होता नजर आ रहा है. गुरुग्राम जिला प्रशासन ने मंगलवार को शहर के आठ स्थानों पर नमाज अदा करने की अनुमति को रद्द कर दिया है. साथ ही ये भी कहा गया है कि शहर के अन्य स्थान जहां खुले में नमाज पढ़ने से आस-पास के लोगों को आपत्ति होगी वहां भी अनुमति नहीं दी जाएगी. मंगलवार को लघु सचिवालय में इस संबंध में एक बैठक हुई थी जिसमें डीसीपी दीपक सरारण, हिंदू और मुस्लिम संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे. सभी ने इस फैसले पर सहमति जाहिर की है.

लघु सचिवालय में उपायुक्त डॉ. यश गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला किया गया कि स्थानीय लोगों और आरडब्ल्यूए के ऐतराज के बाद जिला प्रशासन द्वारा खुले में नमाज की अनुमति रद्द की गई है. यश गर्ग ने बताया कि शहर के आठ स्थानों पर नमाज अदा करने की अनुमति को रद्द कर दिया गया है, बाकी अन्य स्थानों पर भी यदि स्थानीय लोगों को आपत्ति होगी तो वहां भी अनुमति नहीं दी जाएगी.

किन इलाकों में खुले में नमाज पर लगा प्रतिबंध

सेक्टर-49 बंगाली बस्ती
डीएलएफ फेज-3 के वी ब्लाक
सूरत नगर फेस-1
खेड़ी माजरा गांव के बाहर
दौलताबाद गांव के पास द्वारका एक्सप्रेसवे पर
सेक्टर-68 गांव रामगढ़ के पास
डीएलएफ स्केयर टावर के पास
गांव रामपुर से नखडोला रोड

कमेटी चयन करेगी नमाज पढ़ने का स्थान

जिला उपायुक्त द्वारा नमाज अदा किए जाने वाले स्थानों को चिन्हित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई है. जिसमें एसडीएम, एसीपी, हिंदू/मुस्लिम संगठन के पदाधिकारी और अन्य सामाजिक संगठन शामिल है. यह कमेटी सभी पक्षों से बातचीत कर यह निर्णय लेगी कि भविष्य में किन स्थानों पर नमाज अदा की जाए. यह निर्णय लेते समय यह ध्यान रखा जाएगा कि स्थानीय लोगों को नमाज अदा करने से कोई परेशानी न हो. यह कमेटी यह भी सुनिश्चित करेगी कि किसी भी सड़क, मार्ग या सार्वजनिक स्थान पर नमाज अदा न की जाए.

पटाखे जलाने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में इस बार दिवाली पर ग्रीन पटाखे जलाने पर भी रोक लगा दी गई है. किसी भी प्रकार के पटाखों की न तो बिक्री की जा सकती है और न उनका इस्तेमाल किया जा सकता है. प्रदूषण के कारण होने वाले दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए सरकार सख्त हो गई है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. प्राधिकरण ने गुरुग्राम समेत राजधानी से सटे एनसीआर के दायरे में आने वाले प्रदेश के कुल 14 जिलों में यह प्रतिबंध लगाया है. जिला प्रशासन ने भी अब राज्य सरकार के नए आदेशों के तहत तैयारी शुरू कर दी है. इन आदेशों का पालन कराने के लिए पुलिस और जिला उपायुक्त को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि पटाखे जलाने से संवेदनशील लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है. वहीं कोरोना का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है, ऐसे में पटाखे चलाने से होने वाले प्रदूषण के कारण होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना के सक्रिय मरीजों को भी दिक्कत हो सकती है. इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने गुरुग्राम समेत एनसीआर में आने वाले 14 शहरों में किसी भी प्रकार के पटाखे की बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध का फैसला लिया है. इन 14 शहरों के अलावा यह आदेश राज्य के उन शहरों पर भी लागू होगा जहां पिछले साल नवंबर में वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम से उससे अधिक दर्ज हुआ था. हालांकि, जिन शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम या इससे नीचे रहेगा, वहां ग्रीन पटाखे जलाए जाने की अनुमति होगी.

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