FILE - In this March 22, 2018, file photo, an honor guard member is covered by the flag of Saudi Arabia, in Washington. Saudi Arabia, for years one of the world's most prolific executioners, dramatically reduced the number of people put to death in 2020, following changes halting executions for non-violent drug-related crimes, according to the government’s tally and independent observers. (AP Photo/Cliff Owen, File)

दुबई, संयुक्त अरब अमीरात (एपी) – सऊदी अरब ने मंगलवार को एक युवक को फांसी दे दी, जिसे अल्पसंख्यक शियाओं द्वारा सरकार विरोधी विद्रोह में उसकी कथित भागीदारी के आरोप में दोषी ठहराया गया था। एक प्रमुख अधिकार समूह ने कहा कि उसके खिलाफ पूरा ट्रायल हुआ और दोषी साबित होने के बाद ही फांसी पर लटकाया गया!

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि 26 वर्षीय मुस्तफा बिन हाशिम बिन ईसा अल-दरविश को नाबालिग के रूप में किए गए अपराधों के लिए फांसी दी गई है या नहीं। अधिकार समूह ने कहा कि उन्हें 2011 और 2012 के बीच दंगों में कथित भागीदारी के लिए 2015 में हिरासत में लिया गया था। आधिकारिक चार्जशीट में उसके कथित अपराध होने की तारीखें नहीं बताई गई हैं, जिसका अर्थ है कि वह उस समय 17 वर्ष के हो सकते थे, या सिर्फ 18 वर्ष का हो सकता है।

हालाकि सऊदी अरब सरकार का कहना है कि अल-दरविश को 19 साल से अधिक उम्र के अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था और उसे फांसी पर चढ़ा दिया गया है, हालांकि उसके कथित अपराधों के लिए कोई विशेष तारीख नहीं दी गई है।

आपको बता दे की पिछले साल, सऊदी अरब ने नाबालिग के रूप में किए गए अपराधों के लिए लोगों को फांसी देने की अपनी प्रथा को रोक दिया था।

आंतरिक मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पुलिस अधिकारियों को मारने के लिए एक सशस्त्र आतंकवादी प्रकोष्ठ के गठन में भाग लेने और पुलिस अधिकारियों को मारने का प्रयास करने, पुलिस गश्ती पर गोली चलाने और पुलिस को निशाना बनाने के लिए पेट्रोल बोम्ब बनाने के लिए दोषी पाए जाने के बाद उसे फाँसी दी गई है .

अन्य आरोपों में यह आरोप भी शामिल थे कि अल-दरविश ने किंग के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह में भाग लिया और अराजकता और सांप्रदायिक संघर्ष को उकसाया। कथित रूप से अपराध पूर्वी प्रांत में हुए, जहां अधिकांश सऊदी तेल केंद्रित है और एक महत्वपूर्ण स्वदेशी शिया आबादी का इलाक़ा है। फांसी को प्रांत की प्रशासनिक राजधानी दमाम में अंजाम दिया गया।

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