बेरूत: सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने लेबनान (Lebanon) के एक मंत्री की टिप्पणियों के जवाब में उसके राजदूत (Envoy) को देश छोड़ने का आदेश दिया है और लेबनान से आयात पर रोक लगा दी है। लेबनान के मंत्री ने यमन (Yemen) में युद्ध (War) को सऊदी ‘‘आक्रामकता” बताया था। इसके कुछ देर बाद शुक्रवार को बहरीन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि बहरीन (Bahrain) ने लेबनान के राजदूत को दो दिनों के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है।

लेबनान के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने सऊदी अरब के निर्णय पर चर्चा की और तनाव कम करने की उम्मीद से ‘‘उचित निर्णय” लेने का आह्वान किया। सऊदी अरब की सरकारी मीडिया ने अपनी खबर में कहा कि बेरूत में राज्य के राजदूत को भी स्वदेश लौटने के लिए कहा गया है। खबर में कहा गया है कि इस कदम से सऊदी अरब में रह रहे और यहां काम कर रहे उन हजारों लेबनानी नागरिकों और उनके परिवारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेबनान से आयात पर प्रतिबंध लगाने का सऊदी का फैसला ऐसे समय में आया है जब लेबनान को विदेशी मुद्रा की अत्यंत जरूरत है जो इस समय सबसे खराब आर्थिक और वित्तीय संकट से गुजर रहा है।

क्षेत्र की आर्थिक महाशक्ति सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों और निर्यातकों में से एक है और वह दशकों से लेबनानी उत्पादों का एक प्रमुख बाजार रहा है। यह फैसला सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के कुछ दिनों बाद आया है जिसमें लेबनान के सूचना मंत्री जॉर्ज कोर्डाही ने यमन में युद्ध को सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के आक्रामकता के रूप में वर्णित किया था। उन्होंने कहा कि यमन में युद्ध ‘‘बेतुका” है और इसे रोकना चाहिए।

लेबनान के प्रधानमंत्री नजीब मिकाती के कार्यालय ने कहा कि उन्होंने कोर्डाही को फोन करने से पहले राष्ट्रपति मिशेल औन के साथ स्थिति पर चर्चा की और उनसे ‘‘राष्ट्रीय हितों की खातिर उचित निर्णय लेने” को कहा। मिकाती ने सऊदी के कदम के लिए खेद व्यक्त किया और राज्य से अपने फैसले की समीक्षा करने का आग्रह किया। मिकाती ने कहा कि उनकी सरकार सऊदी अरब के साथ ‘‘गहरे भाईचारे के संबंधों” को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी चीज को ‘‘स्पष्ट रूप से खारिज” करती है।

मिकाती ने पहले कहा था कि कोर्डाही की टिप्पणियां सरकार की राय का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री ने यह टिप्पणी पिछले महीने पद पर कार्यभार संभालने से पहले की थी। पूर्व में टीवी कार्यक्रम के मेजबान रहे कोर्डाही ने सितंबर में इस पद के लिए चुने जाने से पहले एक टीवी कार्यक्रम पर यह टिप्पणी की थी। कोर्डाही ने इस सप्ताह बेरूत में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में अपने साक्षात्कार के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया।

यह साक्षात्कार पांच अगस्त को प्रसारित हुआ था। उन्होंने कहा कि मंत्री बनने के बाद से, वह अपनी राय व्यक्त नहीं करने की सरकार की नीति का पालन करते हैं। कोर्डाही ने कहा, ‘‘हमें लेबनान में किसी के ब्लैकमेल का शिकार नहीं होना चाहिए, चाहे वे देश हों, राजदूत हों या व्यक्ति हों।”

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