इंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर में शनिवार शाम को जैन संत ने एक धर्मशाला में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामला शहर के परदेशीपुरा इलाके का है। आत्महत्या करने वाले संत का नाम 45 वर्षीय आचार्य श्री 108 विमद सागर है। जानकारी के अनुसार, वो इंदौर में चातुर्मास के सिलसिले में आए थे। पुलिस फिलहाल जानकारी जुटा रही है। वहीं, घटना की जानकारी लगते ही जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालु धर्मशाला के पास जमा हो गए हैं। फिलहाल, आत्महत्या के कारणों का खुलासा अभी नहीं हो सका है।


परदेशीपुरा पुलिस थाना प्रभारी पंकज द्विवेदी ने बताया कि, विमद सागर महाराज का शव नंदानगर क्षेत्र की जैन धर्मशाला में फांसी के फंदे पर लटका मिला है। उन्होंने बताया कि, पुलिस को मौके से जैन संत का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसीलिए फिलहाल उनकी मौत के कारणों के बारे में पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

घटा की जानकारी लगते ही धर्मशाला पहुंच रहे जैन धर्म के लोग

मामले को लेकर सीएसपी निहित उपाध्याय ने बताया कि, नंदा नगर में जैन मंदिर के नजदीक एक धर्मशाला में जैन मुनि रुके हुए थे। जानकारी मिलने के बाद परदेशीपुरा थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। वहीं, एफएसएल की टीम सहित जैन समाज के कई लोगों का भी तांता लगा हुआ है।


इसलिए इंदौर आए थे संत

वहीं, समुदाय के लोगों का कहना है कि, जैन संत चातुर्मास (संत का चार महीने तक एक ही स्थान पर प्रवास) के सिलसिले में इंदौर आए हुए थे। उनकी आत्महत्या के बाद भक्तों में असंतोष की स्थिति देखी जा रही है। फिलहाल, पुलिस टीम जांच में जुटी है।

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