रूस यूक्रेन जंग के बीच रूस की बड़ी धमकी सामने आ रही है. रूस ने कहा है, अगर उसके सामने ‘अस्तित्व का खतरा’ आता है तो वो परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा. यह बात क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव (Dmitry Peskov) ने कही है. बता दें, रूस और यूक्रेन के बीच जंग का आज 28वां दिन हैं. बीते 27 दिनों से संघर्ष जारी है. लेकिन इतनी लंबी लड़ाई के बाद भी यूक्रेन रूस के सामने डटा हुआ है. रूस लगातार मिसाइलों, रॉकेटों और हवाई हमले कर रहा है. लेकिन यूक्रेन उसके आगे झुकने को तैयार नहीं है.

रूस ने 1100 मिसाइलें दागीं

अमेरिका के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि रूसी बलों ने पिछले दो दिनों में हवाई हमले तेज कर दिये हैं और रूस ने पिछले 24 घंटे में 300 ऐसे हमले किये हैं. उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से रूसी बलों ने अब तक 1,100 से अधिक मिसाइलें यूक्रेन में दागी हैं. कीव में मंगलवार को लगातार गोलीबारी और धमाकों की आवाज सुनाई दी और उत्तर स्थित एक स्थान से काले धुएं का गुबार उठता दिखायी दिया.

नाटो को जेलेंस्की ने सुनाई खरी खरी

बीते दिन मंगलवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने नाटो को खरी-खरी सुनायी. रूस के साथ जंग में अब तक सीधा साथ नहीं मिलने से नाराज जेलेंस्की ने कहा कि नाटो को अब यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि वह रूस से डरता है. साथ ही जेलेंस्की ने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ किसी भी शर्त पर और किसी भी हाल में चर्चा को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि बिना बैठक के पूरी तरह से यह समझ पाना नामुमकिन है कि पुतिन जंग रोकने के लिए क्या चाहते हैं? 

35 लाख लोगों ने छोड़ा यूक्रेन 

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, रूसी हमले के कारण अब तक एक करोड़ से अधिक लोग यूक्रेन छोड़ने को मजबूर हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र ने युद्ध के दौरान 900 से अधिक आम नागरिकों की मौत की पुष्टि की है. साथ ही कहा कि मृतकों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. वहीं, संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी का कहना है कि यूक्रेन से 35 लाख से ज्यादा लोग देश छोड़ चुके हैं. इनमें से सबसे ज्यादा 21 लाख लोगों को पोलैंड ने अपने यहां शरण दी है. इसके बाद रोमानिया ने 5.40 लाख और मोल्दोवा ने 3.67 लाख से ज्यादा लोगों को अपने यहां शरण दी है.

मोदी व मॉरिसन ने यूक्रेन संघर्ष पर जताई चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर चिंता जताते हुए शत्रुता को तत्काल खत्म किये जाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है. साथ ही दोनों नेताओं ने जोर दिया कि मौजूदा वैश्विक व्यवस्था संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून एवं राज्यों की संप्रभुता के सम्मान और क्षेत्रीय अखंडता पर आधारित है.

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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