आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है। आज ही के दिन 1948 में नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। ऐसा कहा जाता है कि नाथूराम गोडसे का संबंध आरएसएस से था। वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष ने गांधी के हत्या पर लिखा कि सरदार पटेल ने कहा था कि आरएसएस और हिंदू महासभा के लोगों ने गांधी जी की हत्या के बाद मिठाइयां बांटी थीं।

आशुतोष ने एक ट्वीट कर कहा कि आज ये लोग गांधी जी को अपनाने का ढोंग क्यों करते हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘सरदार पटेल ने लिखा था कि आरएसएस और हिंदू महासभा के लोगों ने गांधी जी की हत्या के बाद मिठाइयां बांटी थी। ऐसे में आज गांधी जी को अपनाने का ड्रामा क्यों?’ उनके इस ट्वीट पर यूजर्स भी जमकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

विक्की नाम के यूज़र ने लिखा, ‘अच्छाइयां कहीं भी हो, उन्हें तो अपनाना ही चाहिए। अच्छाइयों को व्यक्ति और धर्म विशेष के चश्मे से देखना तुम लोगों का काम है। क्या तुम गांधीजी के सभी विचारों से सहमत हो? हिम्मत है तो डिबेट कर लो असलियत सामने आ जाएगी।’ हिमांशु दीक्षित ने लिखा, ‘तुमने भी तो राजनीति में जाने के बाद कहा था कि ज़िंदगी में कभी मीडिया में वापस नहीं आऊंगा फिर वापस आकर फालतू के आर्टिकल लिखने का ड्रामा क्यों?’

मनीष कौशिक ने लिखा, ‘सन 1942 में 11 देशों ने सुभाष चन्द्र बोस को सिंगापुर में हिंदुस्तान का पहला प्रधानमंत्री मान लिया था, फिर 1947 में नेहरू को पहला प्रधानमंत्री जबरस्ती थोपने का ड्रामा क्यों? गांधी द्वारा कांग्रेस को भंग करने के बाद देश पर कांग्रेस थोपने का ड्रामा क्यों?’

जोशी नाम के यूज़र ने लिखा, ‘मजबूरी है सरकार की, हमारी नहीं। पहले असली और अब नकली गांधी से देश परेशान है।’ भवानी सिंह राजपूत ने लिखा, ‘आज गांधी जिंदा होते तो भ्रष्टाचार और परिवारवाद से ग्रस्त राजनीति और दलाल पत्रकारों को देखकर बहुत दुखी होते कि उन्होंने देश के ऐसे भविष्य की कल्पना नहीं की थी।’

कृष्णा भारती ने लिखा, ‘एक पूंजी को खास वर्ग के हवाले करना चाहते हैं और गांधी का दर्शन आम वर्ग को पूंजी का हिस्सा देना था। ऐसे लोग गांधी को कैसे अपना सकते हैं।’ मोहित सैनी ने आशुतोष ने पूछा, ‘सरदार पटेल ने तो महात्मा गांधी जी को ब्रह्मचर्य प्रयोग को बंद करने के लिए भी लिखा था लेकिन उसके बाद भी प्रयोग जारी रहा था क्यों?’

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