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Monday, February 6, 2023
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नमाज़ को नमाज़ की तरह पढ़ें, शक्ति प्रदर्शन की तरह नहीं, खट्टर बोले- खुले में इबादत करना प्रशासन को नामंज़ूर

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को नमाज और इबादत को शक्ति प्रदर्शन नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि खुले में नमाज अदा करना उनके प्रशासन द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खट्टर ने पटौदी के एक स्कूल में क्रिसमस का जश्न बाधित होने कि घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका प्रशासन मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदायों से बात करके नमाज विवाद को हल कर रहा है।

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नमाज को शक्ति प्रदर्शन न बनाएं मुसलमान :खट्टर 

गुरुग्राम में खुले में समूहों में नमाज अदा करने वाले मुसलमानों के कारण तनाव की हालिया घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए, खट्टर ने कहा, “सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करना ठीक नहीं है। नमाज-नमाज तक ही सीमित रहनी चाहिए। इसे ताकत के प्रदर्शन कि तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। नमाज या नमाज अदा करना एक ऐसा मुद्दा है जो निजी और धार्मिक है। इसे घर, मस्जिद या ईदगाह पर किया जा सकता है। अगर वे इसे खुले में करना चाहते हैं, तो इसे प्रशासन की अनुमति से किया जाना चाहिए। यह सभी पर लागू होता है, चाहे वह सिख हो, हिंदू हो, ईसाई हो या मुस्लिम।”

क्रिसमस समारोह रोकने की घटना पर खट्टर ने कही यह बात 

पटौदी के एक निजी स्कूल में क्रिसमस समारोह रोकने की घटना के बारे में बोलते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। “ऐसी कार्रवाइयों का समर्थन करने का कोई कारण नहीं है। अगर किसी को किसी भी घटना से कोई समस्या है तो वह या तो घटना से पहले बता दें या फिर घटना के बाद विरोध दर्ज कराएं। लोगों को एक साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए। इसी कारण से शांति समितियां हैं। ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दुबारा न हों।”

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