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Tuesday, January 31, 2023
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राहुल गांधी की “भारत जोड़ो यात्रा” में शामिल हुए RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन।

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राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में चल रही है। राहुल गांधी ने 14 दिसंबर बुधवार को अपना सफर सवाई माधोपुर के भाडोती से शुरू किया। लेकिन आज का सफर बाकी दिनों से बिल्कुल अगल था।

इस यात्रा में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने शामिल होकर चार चांद लगा दिए। रघुराम राजन राहुल गांधी के बीच लंबी बातचीत भी हुई। इसके पीछे का कारण क्या हो सकता है। क्या रघुराम राजन राजनीति में आने वाले हैं।

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कांग्रेस ने फेसबुक पर की तस्वीर पोस्ट

भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ RBI के पूर्व गवर्नर ‘रघुराम राजन’ भी दिखे। इस क्रम में दोनों के बीच लंबी बातचीत भी हुई। कांग्रेस ने दोनों के साथ चलने की तस्वीर अपने फेसबुक पर शेयर करते हुए लिखा कि “भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ कदम मिलाते आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी दिखे। इससे साफ दिख रहा है कि भारत जोड़ो यात्रा में लोगों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। यह बताती है कि हम देश को जोड़ने के मकसद में कामयाब होने वाले हैं।”

राजनीति में आ सकते हैं ‘रघुराम राजन’?

भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ ‘रघुराम राजन’ नजर आए थे। इसके बाद से लोगों द्वारा कई कयास लगाए जा रहे हैं। इसका एक पक्ष यह भी हो सकता है कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान ‘रघुराम राजन’ राजनीति में एंट्री मार सकते हैं। बता दें वह हमेशा से बीजेपी के नीतियों के खिलाफ रहे हैं। इस वजह से उन्हें बीजेपी विरोधी भी माना जाता है। अब तस्वीरें यही बयां कर रही है कि वह कांग्रेस पार्टी के साथ राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। कांग्रेस उन्हें देश की अर्थव्यवस्था संभालने के लिए अपनी पार्टी में शामिल कर सकती हैं।

कांग्रेस सरकार में ‘रघुराम राजन’ थे गवर्नर

रघुराम राजन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर उस वक्त बने थे जब देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थे। इस कारण से ऐसा माना जाता है कि रघुराम राजन हमेशा से कांग्रेस के काफी करीबी रहे हैं। बता दें कि रघुराम राजन ने चार सितंबर 2013 को भारतीय रिजर्व बैंक का कार्यभार संभाला था। उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक के 23वें गवर्नर के रूप का कार्यभार सौंपा गया था। लेकिन 3 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्होंने एकेडमिक की दुनिया में लौटने का फैसला कर लिया। इस क्रम में उसने कहा था कि जब भी देश को मेरी जरूरत होगी वह इसके लिए तैयार रहेंगे।

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