सपा नेता आजम खान की रिहाई को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों का विरोध प्रदर्शन

सपा नेता आजम खान की रिहाई को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों का विरोध प्रदर्शन

9 बार विधायक रहे चार बार मंत्री उत्तर प्रदेश के कद्दावर मुस्लिम नेता आजम खान जिनकी कभी तूती बोलती थी, वो आजकल जेल में हैं। आजम खान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। सरकार के इस रवैया से लोगों में नाराजगी है, इस सिलसिले में बिजनौर के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ओल्डब्वॉय ने 25 जुलाई को एसडीएम को ज्ञापन दिया था कि इलाज के लिए उनको रिहा किया जाए। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने सरकार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन डक पॉइंट से बाबऐसैयद तक निकाला जिसमें आजम खान की रिहाई की मांग की गई, और राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रॉक्टर AMU के माध्यम से भेजा है, जिसमें आजम खान को रिहा करने के लिए अपील की गई।

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पिछले साल जब पूरी दुनिया कोरोना की महामारी से लड़ रही थी तो आजम खान साहब जेल के अंदर थे, जिससे आजम खान साहब भी नहीं बच पाए, उनकी तबियत भी खराब हुई और उन्हें जेल से हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया ताकि उनका उपचार हो सके, जब उनकी तबियत में थोड़ा सा सुधार हुआ तो उनको फिर से जेल में शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन कुछ दिन बाद फिर से उनको सांस लेने में दिक्कत हुई और फिर उन्हें सीतापुर जेल से लखनऊ वेदांता हॉस्पिटल में इलाज के लिए लाया गया।
उनकी बीवी नगर विधायक तंजीम फातिमा ने आरोप लगाया है कि उनको बिना बताए हॉस्पिटल से जेल में शिफ्ट कर दिया गया था, जबकि वह पूरी तरीके से ठीक नहीं हुए थे, जिस वजह से उनको फिर से हॉस्पिटल इलाज के लिए लाना पड़ा, और साथ उन्होंने सरकार पर इलाज में आनाकानी का आरोप भी लगाया है।

मांगों के साथ ज्ञापन में उनकी रिहाई के साथ चार और डिमांड की गई

1, स्वास्थ्य के आधार पर श्री मोहम्मद आजम खान को न्यायिक हिरासत से तत्काल जमानत देना!


2, उनके खिलाफ सभी फर्जी आरोपों को रद्द करना जो यूपी सरकार के इशारे पर दायर किए गए हैं!

3, श्री आजम खान साहब की सुरक्षा सुनिश्चित करना!

4, उनके सभी मामलों को उत्तर प्रदेश से किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित करना क्योंकि राज्य सरकार के रवैये के कारण स्वतंत्र और निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद नहीं की जा सकती।

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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र नेता फरहान जुबेरी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जब से बनी है, तब से उनको लगातार फसाने की कोशिश झूठे केसों के माध्यम से कर रही है, अगर उनको जल्दी से रिहा नहीं किया गया तो हम जल्द ही फिर से प्रदर्शन करेंगे। कुंवर मोहम्मद अहमद (छात्र नेता अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) ने कहा सरकार उनको इसलिए टारगेट कर रही है क्योंकि उन्होंने सर सैय्यद अहमद खान साहेब के अलीगढ़ तहरीर को आगे बढ़ाया था और शच्चर रिपोर्ट का हवाले देते हुए उनके इस काम को सराहा और आजम खान को अपना बड़ा भाई कहते हुए कहा कि जब तक आप की रिहाई नही हो जाती है, तब तक अलीगढ़ का छात्र चुप बैठने वाला नही है, इंशाअल्लाह हम जल्द ही फिर से प्रदर्शन करेंगे, अगर उनकी रिहाई नही होती है। मिस्बाह मिंटो ने बात करते हुए अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा ये वही अखिलेश हैं, जो कभी मंच पर पिता के समान कहते थे, आज जब आजम खान साहब को जरूरत सब से ज्यादा उनकी है, तो वो AC रूम से बाहर नहीं निकल रहे हैं, और ये वही लोग हैं जो लोहिया को अपना आदर्श बोलते हुए नहीं थकते हैं, और उनकी ही बात को दरकिनार कर रहे हैं “सड़क सुनसान हो जाये तो संसद आवारा जो जाता है”।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र मोहम्मद जुनेद ने कहा “जब इलाज के लिए देशद्रोहियों और आतंकवादियों को जमानत मिल जाती है, तो आजम खान साहब को क्यों नहीं मिल रही” ? और आगे उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आजम खान साहब का नाम उर्दू वाला है, तभी ये सरकार उनपर लगातार जुल्म कर रही है।

पिछली बार जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई तब से आजम खान पर शिकंजा कसना शुरू हो गया था, इसी बीच सिलसिलेवार उन पर केस दर्ज होना शुरू हुआ, देखते ही देखते उन पर 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो गए! इनमें उनकी मरहूम मां पर भी एक केस दर्ज हो गया था, लेकिन बाद में उनका नाम हटा दिया गया था! इस कड़ी में उनकी बीवी तंजीम फातिमा पर 45 और बेटे पर 66 केस दर्ज कर दिया गया।

आजम खान पर घर में घुसकर महिलाओं के साथ लूटपाट, मारपीट, सरकारी भवन से किताबों की चोरी, बिजली चोरी, बकरी चोरी, भैंस चोरी, संपत्ति कब्जाने, तथा पासपोर्ट जैसे अनेकों मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमे से कुछ में ज़मानत मिल गई है।

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