यूक्रेन पर रूस के हमले का असर खेल के मैदान पर भी देखने को मिल रहा है। यूक्रेन के समर्थन में दुनिया भर में लोग नजर आ रहे हैं। फुटबॉल, टेनिस या अन्य मुकाबलों के दौरान यूक्रेन का झंडा देखा जा सकता है। यहां तक कि रूसी टेनिस प्लेयर भी युद्ध का विरोध करते देखे गए। पिछले दो सप्ताह में पहली बार देखने को यह मिला है कि कोई रूस का खिलाड़ी अपनी सेना के समर्थन में सार्वजनिक रूप से सामने आया है।

दरअसल, रूस के जिम्नास्ट इवान कुलियाक दोहा में वर्ल्ड कप के दौरान कांस्य पदक जीतने के बाद पोडियम पर पहुंचे। उस दौरान उनके सीने पर ‘Z’ का निशान देखने को मिला। यह निशान यूक्रेन में हमला करने वाली रूसी सेना के गाड़ियों पर देखने को मिलता है। यह यूक्रेन में रूस के हमले के समर्थन का प्रतीक माना गया है। कुलियाक के बगल में यूक्रेन के इलिया कोवतुन थे। उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। उनके देश के राष्ट्रगान को बजाया गया और रूसी जिम्नास्ट को उससे सुनना पड़ा।

कुलियाक ने कोवतुन के बगल में खड़े होने से पहले ‘Z’ के निशान पर अपने सीने पर लगाया था। जैसे ही कुलियाक की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर आई, लोग उनके विरोध में बोलने लगे। अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक महासंघ (एफआईजी) की आलोचना भी हुई। फिर तत्काल कार्रवाई करते हुए महासंघ ने कुलियाक पर प्रतिबंध लगा दिया। साथ ही कुलियाक के इस व्यवहार की निंदा की।

‘Z’ को विशेष रूप से आग लगाने वाला माना जाता है, क्योंकि इसे यूक्रेन में रूसी टैंकों और वाहनों पर देखा गया है। यह राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और आक्रमण के समर्थन का प्रतीक बन गया है। 20 वर्षीय कुलियाक को रूसी झंडा ओढ़ने का मौका नहीं मिला, क्योंकि महासंघ ने इस पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था। 

एफआईजी ने एक बयान में कहा कि वह जिमनास्टिक एथिक्स फाउंडेशन से कुलियाक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए कहेगा। कुलियाक के खिलाफ कार्रवाई का यह मतलब होगा कि उन्हें अपना कांस्य पदक गंवाना पड़ सकता है।

Share this article

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या  ट्विटर पर फॉलो करें.

journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

Leave a comment