कृषि कानूनों को लेकर मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक शुरुआत से ही केंद्र सरकार के खिलाफ रहे हैं। हालांकि कृषि कानूनों की वापसी के बाद उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ भी की थी लेकिन इस बार उन्होंने प्रधानमंत्री पर सीधे तौर पर हमला बोलते हुए कहा कि किसानों के बाद जब मैं पीएम से मिलने गया तो वो बहुत घमंड में थे, मेरा उनसे झगड़ा हो गया।

रविवार को हरियाणा के चरखी दादरी में फोगाट खाप द्वारा उन्हें सम्मानित किए जाने के कार्यक्रम से इतर मलिक ने संवाददाताओं से कहा कि किसान आंदोलन केवल स्थगित हुआ है और अगर अन्याय हुआ तो यह दोबारा शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा, अन्नदाताओं ने अपने अधिकारों की लड़ाई जीती है और भविष्य में भी अगर किसानों के खिलाफ कोई सरकार कदम उठाती है तो वह पूरी ईमानदारी से इसका विरोध करेंगे और अगर पद छोड़ने की बात आई, तब भी वह पीछे नहीं हटेंगे।

मलिक ने कहा, ”मेरे लिए किसी भी पद से पहले किसानों का हित सर्वोपरि है।” उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों पर आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब सरकार किसानों से संबंधित कानून बनाती है तो पहले किसानों की राय ली जानी चाहिए और अगर कोई कानून बनाना है तो किसानों के फायदे के लिए बनाया जाए।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्यपाल मलिक ने कहा कि मैं जब किसानों के मामले में प्रधानमंत्री जी से मिलने गया तो उनसे मेरी पांच मिनट में लड़ाई हो गई। वो बहुत घमंड में थे। जब मैंने उनसे कहा कि हमारे 500 लोग मर गए तो उन्होंने कहा कि मेरे लिए मरे हैं क्या। मैंने कहा आपके लिए ही तो मरे थे जो आप राजा बने हुए हो। फिर उन्होंने कहा कि आप अमित शाह से मिल लो। मैं अमित शाह से मिला।

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