लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के बदरुद्दीन और फिरोज खान से पूछताछ में यूपी एटीएस (UP ATS) को कई अहम जानकारियां मिली हैं. एटीएस ने दोनों को 7 दिन की रिमांड पर लिया है. सूत्रों के अनुसार, बदरुद्दीन और फिरोज खान के बांग्लादेशी आतंकी संगठन से संपर्क उजागर हुए हैं. पता चला है कि बदरुद्दीन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (Jamat-ul-Mujahiddin Bangladesh) के संपर्क में था.

एटीएस की जांच में पता चल है कि बीते दिनों दोनों आरोपी बांग्लादेश भी गए थे. सूत्रों के मुताबिक बदरुद्दीन लखनऊ, मुज़फ्फरनगर, बहराइच, बाराबंकी और मेरठ में पीएफआई, सीएफआई के लोगों के संपर्क में था. इन शहरों में इसने 25-25 युवाओं के हिट स्क्वॉड बनाए थे. इसी महीने 11 फरवरी को दोनों आरोपी लखनऊ आए थे. इनका 11 फरवरी को बिहार के कटिहार से मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल का टिकट था. इस दौरान इनके साथ 5 अन्य युवक भी थे. ये लोग मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर एसटीएफ को चकमा देने में कामयाब हो गए थे.

बांग्लादेश में विस्फोट करने की ट्रेनिंग
पता चला है कि बदरूद्दीन और फ़िरोज़ ने बांग्लादेश में ट्रेनिंग ली थी. इन्होंने जमात-उल-मुजाहिदीन के आतंकियों से विस्फोट करने की ट्रेनिंग ली थी. पूछताछ में पता चला है कि बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल और बिहार होते हुए ये संदिग्‍ध मुंबई गए थे.

एसटीएफ ने की गिरफ्तारी, एटीएस कर रही जांच
बता दें यूपी एसटीएफ ने इन दोनों की गिरफ्तारी की थी और एटीएस ने मुकदमा पंजीकृत किया था. मामले में अब आगे की तफ्तीश एटीएस कर रही है. गिरफ्तारी के दौरान दोनों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार भी बरामद किए गए.

इससे पहले इनकी गिरफ्तारी के बाद यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस की थी. उन्होंने बताया कि इन दोनों का संबंध पीएफआई (PFI) से है. एडीजी ने कहा कि इनकी योजना बसंत पंचमी के आसपास कई जगह पर धमाका कर कई वरिष्ठ अधिकारियों और आम जनता में आतंक फैलाना था.

पिछले एक साल में इस संगठन के 123 लोगों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. केरल के बदरुद्दीन और फिरोज खान पीएफआई के दो सदस्य हैं, जिन्हें यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *