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Saturday, April 20, 2024

अडानी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, हिंडनबर्ग पर मीडिया रिपोर्टिग पर रोक लगाने वाली याचिका SC ने की खारिज

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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह मीडिया को अडानी-हिंडनबर्ग मामले पर रिपोर्ट चलाने से तब तक नहीं रोकेगा जब तक कि अदालत इस मामले की जांच के लिए एक समिति के गठन पर अपना आदेश नहीं सुना देती।

अधिवक्ता एम.एल. शर्मा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया। मुख्य न्यायाधीश ने शर्मा से कहा, हम कभी भी मीडिया को कोई निषेधाज्ञा जारी नहीं करेंगे.. हम जल्द ही आदेश सुनाएंगे।

जब शर्मा ने अनुरोध किया कि मीडिया सनसनी पैदा कर रहा है, तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा, उचित तर्क दें, मीडिया रिपोटिर्ंग पर रोक नहीं लगाई जा सकती। अधिवक्ता एम.एल. शर्मा ने अपने अनुरोध में कहा कि मीडिया का प्रचार भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित कर रहा है और निवेशकों में घबराहट पैदा कर रहा है।

शर्मा का आवेदन उनकी जनहित याचिका का एक हिस्सा है, जो हिंडनबर्ग रिपोर्ट विवाद के संबंध में दायर किया गया था। 17 फरवरी को, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह हिंडनबर्ग रिपोर्ट की जांच के लिए गठित की जाने वाली समिति में शामिल करने के लिए केंद्र द्वारा सुझाए गए विशेषज्ञों के सीलबंद कवर नामों को स्वीकार नहीं करेगा।

सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का असर अडानी समूह की कंपनी के शेयर पर पड़ा। शेयर की कीमतें गिर गईं और निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह विशेषज्ञों का चयन करेगी और पूरी पारदर्शिता बनाए रखेगी, और अगर अदालत केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए नामों को लेती है, तो यह एक सरकार द्वारा गठित समिति होगी। बेंच ने कहा कि अदालत निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी पारदर्शिता चाहती है और वह एक समिति का गठन करेगी ताकि अदालत में विश्वास की भावना बनी रहे।

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Ahsan Ali
Ahsan Ali
Journalist, Media Person Editor-in-Chief Of Reportlook full time journalism.

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