25.1 C
Delhi
Tuesday, November 29, 2022
No menu items!

pegasus जासूसी आरोपों को गंभीरता से ले रहे: फ्रांस से इजरायल, NSO दफ्तर पर ‘रेड’

- Advertisement -
- Advertisement -

इजरायल (Israel) के रक्षा मंत्री बेनी गेंट्ज (Benny Gantz) ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष को 28 जुलाई को बताया कि वो पेगासस से जासूसी (Pegasus Surveillance) के आरोपों को गंभीरता से ले रहे हैं. आरोप है कि इजरायली कंपनी NSO ग्रुप के स्पाइवेयर पेगासस का इस्तेमाल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) की संभावित जासूसी के लिए हुआ है.

गेंट्ज ने 28 जुलाई को पेरिस में फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली से मुलाकात की. गेंट्ज ने NSO ग्रुप के एक्सपोर्ट के आकलन के शुरुआती नतीजे भी साझा किए. 

- Advertisement -

बेनी गेंट्ज का रक्षा मंत्रालय ही साइबर-सर्विलांस तकनीकों के कमर्शियल एक्सपोर्ट्स की देखभाल करता है.

इजरायल के लिए कूटनीतिक मुद्दा बना पेगासस

रॉयटर्स की रिपोर्ट कहती है कि फ्लोरेंस पार्ली ने गेंट्ज से पूछा कि इजरायली सरकार NSO की गतिविधियों के बारे में क्या जानती है. पेगासस स्पाइवेयर के 10 देशों में जासूसी और संभावित सर्विलांस के लिए इस्तेमाल की खबरें सामने आने के बाद इजरायल के लिए कूटनीतिक मुश्किलें खड़ी हो गई हैं.पार्ली के निवेदन पर बेनी गेंट्ज ने NSO के मुद्दे पर टिप्पणी की और उन्हें बताया कि ‘इजरायल आरोपों को गंभीरता’ से ले रहा है.

फ्रांस की संस्था फॉरबिडेन स्टोरीज और एमनेस्टी इंटरनेशनल की जांच में सामने आया था कि मोरक्को की खुफिया एजेंसी ने मैक्रों के फोन को संभावित टारगेट लिस्ट में डाला था. मैक्रों ने जांच का आदेश दिया है. 

इजरायल ने स्पाइवेयर पर लगे आरोपों की जांच के लिए एक इंटर-मिनिस्टीरियल टीम बनाई है.

NSO ग्रुप पर छापेमारी?

बेनी गेंट्ज ने फ्लोरेंस पार्ली को बताया कि आरोपों की जांच करने वाले 29 जुलाई को NSO ग्रुप के दफ्तर पहुंचे थे और इजरायल इस मुद्दे को ‘बहुत गंभीरता’ से देख रहा है. 

इजरायली अथॉरिटीज का ये इंस्पेक्शन रक्षा मंत्रालय के ट्विटर पर 28 जुलाई को घोषित किया गया था. इसमें कहा गया, “कई संस्थाओं के प्रतिनिधि NSO के दफ्तर पहुंचे और केस से जुड़े आरोपों की जांच की.”रक्षा मंत्रालय ने संस्थाओं का नाम नहीं बताया और न ही और जानकारी दी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल अवीव के करीब हर्जलिया स्थित NSO ग्रुप के दफ्तर का इंस्पेक्शन हुआ था. इजरायली न्यूज वेबसाइट Calcalist ने इसे ‘छापेमारी’ कहा है.

NSO ग्रुप ने भी इंस्पेक्शन की पुष्टि की है. कंपनी ने मीडिया को भेजे एक बयान में कहा, “हम पुष्टि करते हैं कि इजरायली रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि हमारे दफ्तर आए थे. हम उनके इंस्पेक्शन का स्वागत करते हैं.”

- Advertisement -
Jamil Khan
Jamil Khan
Jamil Khan is a journalist,Sub editor at Reportlook.com, he's also one of the founder member Daily Digital newspaper reportlook
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here