उत्तर प्रदेश के एटा जिले में पुलिस ने पंचायत चुनाव लड़ने वाली एक 65 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। महिला पर कथित तौर पर अपनी पाकिस्तानी राष्ट्रीयता छिपाने का आरोप है। बताया गया है कि वह पिछले 40 सालों से अपने पाकिस्तानी होने की बात छिपाकर भारत में रह रही थी। उसने 2015 में एटा के गांव से पंचायत का चुनाव भी लड़ा था।

पुलिस ने जो शिकायत दर्ज की है, उसमें कहा गया है कि अवैध रूप से भारत में रहने की पुष्टि होने पर महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि थाना जलेसर पुलिस द्वारा मामला पंजीकृत किया गया था जिसमें फरार चल रही आरोपी महिला को गिरफ्तार करने में पुलिस ने सफलता प्राप्त की है।

उन्होंने बताया कि कार्यवाहक प्रधान बानो बेगम के खिलाफ इसी साल जनवरी को तत्कालीन पंचायत सचिव ध्यानपाल सिंह ने थाना जलेसर में सूचना दी थी। तत्कालीन पंचायत सचिव ने बताया था कि ग्राम गुदाऊ की निर्वाचित ग्राम प्रधान की मौत के उपरांत पंचायत के विकास कार्यों के लिए ग्राम पंचायत सदस्य बानो को अग्रिम आदेशों तक कार्यवाहक ग्राम प्रधान के रूप में नामित किया गया था, लेकिन ग्राम पंचायत गुदाऊ के ग्रामीणों ने शिकायत की कि नामित कार्यवाहक प्रधान बानो पाकिस्तान की निवासी हैं।

एट पुलिस के वरिष्ठ अधीक्षक ने बताया कि जांच में पाया कि पाकिस्तानी नागरिक बानो की शादी आठ जून 1980 को एटा निवासी अख्तर अली के साथ हुई थी। उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि बाद में बानो दीर्घकालिक वीजा को विस्तारित कराकर यहीं पर रहते-रहते ग्राम पंचायत सदस्य चुन ली गईं और ग्राम प्रधान की मौत के बाद कार्यवाहक ग्राम प्रधान बन गई।

पुलिस के मुताबिक, बानो ने तथ्यों को छिपाकर कार्यवाहक प्रधान का पद हासिल किया। उन्होंने कहा कि इस सूचना पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी, दस्तावेजों में हेराफरी और विदेशी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। जलेसर थाने के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार व पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर घटना में फरार चल रही आरोपी बानो को उसके घर के पास से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।

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