बरेली: पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने वाली नूपुर शर्मा अब तक सुर्ख़ियों में हैं। उनके खिलाफ चलने वाला विरोध अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा है।

जी हाँ, वहीं दूसरी तरफ यूपी में भी पुलिस काफी सतर्क है। इसी के साथ बरेली में आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने 17 जून को धरने प्रदर्शन का एलान किया है। जी दरअसल आज यानी सोमवार को मौलाना ने कहा कि ‘हम लाठी और गोली खाने को तैयार है, जेल जाने को तैयार है क्योंकि पैगम्बर की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जा सकती है, हमने 10 जून को अपने प्रदर्शन को इसे लिए आगे बढ़ा दिया था क्योंकि उस दिन गंगा दशहरा था।’ इसी के साथ उन्होंने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महाभारत का धृतराष्ट्र बताया और गांधी की हत्या के लिए भी भाजपा और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, ‘भाजपा और आरएसएस नूपुर शर्मा की गांधी की तरह 2024 का चुनाव जीतने के लिए हत्या करवा सकती है।’

इसके अलावा उन्होंने कहा कि, ‘हमारी नाराजगी हिन्दू समाज से नहीं है, हमारी नाराजगी उत्तर प्रदेश सरकार से नहीं है, हमारी नाराजगी जिला प्रशासन से नहीं है, पुलिस से नहीं है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जहां-जहां प्रदर्शन मे पत्थरबाजी जैसी घटनाएं हुई है उसकी मैं मजमत करता हूं। क्योंकि पुलिस से लड़ने का कोई मतलब नहीं है। पुलिस का इकबाल बुलंद रहना चाहिए, जो शासन का आदेश होगा पुलिस को वही करना पड़ता है।पुलिस की खुद की कोई मर्जी नहीं होती है। शासन अगर पुलिस से कहेगा प्रदर्शनकारियों को शर्बत पिलाए तो पुलिस मजबूर होगी प्रदर्शनकारियों को शर्बत पिलाने के लिए और अगर आदेश आयेगा प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाए तो पुलिस को लाठी चलानी पड़ेगी।’

इसी के साथ तौकीर रजा ने योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि, ‘हिन्दू मुस्लिम सिख से ऊपर उठ कर उत्तर प्रदेश सरकार काम कर रही है जो अच्छी बात है। उनकी तारीफ की जानी चाहिए। 17 तारीख का जो हमने प्रोग्राम रखा है पूरे मुल्क में बेचेनी है बल्कि पूरी दुनिया में बेचैनी है। ऐसे में हमारे देश का शासक खामोश हैं कोई फैसला नहीं ले पा रहा है। अपने हिंदू भाइयों से भी मैं कहता हूं अपने शासक से कहना चाहिए मुल्क में माहौल बिगड़ रहा है ऐसे में कोई निर्णय लेना चाहिए। मैं ये चाहता हूं नरेंद्र मोदी को आने वाली नस्लें कलयुग का धृतराष्ट्र कहकर याद ना करे इसलिए उनको फौरी तौर पर कोई फैसला लेना चाहिए। हमारी लड़ाई केंद्र सरकार से है नरेंद्र मोदी को धृतराष्ट्र की भूमिका से बाहर आकर फौरन फैसला करना चाहिए। नूपुर शर्मा और इस जैसी भाषा बोलने वाले तमाम लोगों को गिरफ्तार करना चाहिए। नुपुर शर्मा को जेल भेजना चाहिए।’

आगे उन्होंने कहा- ‘नुपुर शर्मा की सुरक्षा करना चाहते हो और एक खास बात मैं बताना चाहता हूं, भारतीय जनता पार्टी आरएसएस की बहुत गहरी साजिश होती है। मुझे अंदेशा इस बात का है कि 2024 का लोकसभा चुनाव ये किसी भी तरह जीतना चाहते हैं। 2024 के लिए मुद्दे तलाशे जा रहे हैं, ये जो पूरे देश में माहौल बनाया है ये 2024 की तैयारी के लिए बनाया गया है। मुझे अंदेशा है नूपुर शर्मा की जान के खतरे का। मुझे अंदेशा इस बात का है कि ध्रुवीकरण के लिए हिन्दू मुस्लिम टकराव के लिए जिस तरह इन्होंने गांधी जी की हत्या कारवाई थी उसी तरह कहीं हिन्दू मुस्लिम फसाद कराने के लिए नूपुर शर्मा की हत्या करवा के मुसलमानों के ऊपर ये इल्ज़ाम ना लगा दें। इसलिए मैं कहता हूं नूपुर शर्मा की हिफाजत की जानी चाहिए और अगर उनकी सिक्योरिटी भरपूर नहीं है तो उन्हें जेल से बेहतर सुरक्षा नहीं मिल सकती, जेल में वह ज्यादा सिक्योर और आराम से रह सकती हैं।’

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journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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