देश भर में तेल (पेट्रोल-डीजल) की कीमतें आम आदमी का तेल निकाल रही हैं। इसी बीच, गुरुवार को मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला में पेट्रोल का दाम 100 रुपए प्रति लीटर के पार हो गया। जेब पर बढ़ते बोझ के बीच जनता जहां चिंता की मुद्रा में है।

वहीं, मध्य प्रदेश के कबीना मंत्री (मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर हैं) विश्वास सारंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। आसमान छूते ईंधन की कीमतों के बीच उन्होंने अलग ही दृष्टिकोण पेश किया। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री को सोलर और इलेक्ट्रिक एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए धन्यवाद कहा जाना चाहिए।

दरअसल, सारंग से पूछा गया था कि क्या प्रदेश में टैक्स काटकर उपभोक्ताओं को कुछ राहत दिए जाने पर योजना है? उन्होंने जवाब दिया, “देखिए…मैं प्रधानमंत्री को बधाई देना चाहता हूं…उन्होंने परिवहन के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग के साथ अंतर्राष्ट्रीय तेल की कीमतों को नियंत्रित करने की व्यवस्था की। इलेक्ट्रिक वाहनों को लाने से जुड़ा पीएम का फैसला तेल की कीमतों पर हमारे नियंत्रण को मजबूत करेगा।”

वह आगे बोले- वैश्विक बाजार में डिमांड और सप्लाई पर तेल की कीमतें तय होती हैं। ऐसे में अगर हम इसकी खपत या मांग को कम कर दें, तब हम इनकी कीमतों पर काबू पा सकते हैं। यही वजह है कि पीएम ने इलेक्ट्रिक वाहनों को लाने का फैसला लिया है। हम तेल की कीमतें काबू करने में सक्षम रहेंगे।

बता दें कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार 10वें दिन बढ़ोतरी के चलते राजस्थान के बाद गुरुवार को मध्य प्रदेश में भी पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई थी। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की अधिसूचना के मुताबिक पेट्रोल की कीमत में 34 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 32 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। इसके अलावा ब्रांडेड पेट्रोल, जिस पर अधिक कर लगाया जाता है, की कीमत महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुकी है।

मध्य प्रदेश के अनूपपुर में पेट्रोल की कीमत 100.25 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.35 रुपये थी। वैट जैसे स्थानीय करों और माल भाड़े के आधार पर ईंधन की कीमतें राज्यों में अलग-अलग होती हैं। देश में राजस्थान पेट्रोल पर सबसे अधिक मूल्य वर्धित कर (वैट) वसूलता है, जबकि इसके बाद मध्य प्रदेश का स्थान है। मध्य प्रदेश में 33 प्रतिशत के साथ ही 4.5 रुपये लीटर का कर और पेट्रोल पर एक प्रतिशत उपकर लगाया जाता है। डीजल पर कर 23 फीसदी और तीन रुपये प्रति लीटर तथा एक फीसदी उपकर है।

माकपा ने सरकार पर निशाना साधाः उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर बृहस्पतिवार को सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि पिछले छह वर्षों में मोदी सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर उत्पाद शुल्क में 217 फीसदी की बढ़ोतरी की है। वामपंथी दल ने सरकार से यह आग्रह भी किया कि पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी को तत्काल वापस ले।

माकपा ने एक बयान में कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि राजस्थान में बुधवार को पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के ऊपर चली गई। उसने यह भी दावा किया कि पेट्रोलियम उत्पादों पर सरकार ने उत्पाद शुल्क में 217 फीसदी की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी उस वक्त की गई है, जब कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखी गई है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *