12.8 C
London
Sunday, April 14, 2024

कम नहीं हो रही शाहीन अफरीदी की मुश्किल, अब इस टाइमलाइन से पहले नहीं हो पाएगी वापसी

- Advertisement -spot_imgspot_img
- Advertisement -spot_imgspot_img

कराची: ऐसा लगता है कि पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन शाह आफरीदी के सितारे एकदम गर्दिश में चल रहे हैं. आफरीदी पूरी तरह से घुटने की चोट से उबरे भी नहीं है कि रविवार को अचानक से ही एपेंडिक्स के ऑपरेशन के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. विश्व कप से लौटने के बाद आफरीदी आराम पर चल रहे थे. वीरवार को ही आफरीदी पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक बेटी के निकाह के कार्यक्रम में दिखाई पड़े थे. लेकिन रविवार को अचानक से ही पेट में दर्द होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया. इसका मतलब यह है कि आफरीदी अब अप्रैल 2023 से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की संभावना नहीं है, जिसका मतलब है कि वह इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू धरती पर होने वाले पांच टेस्ट मैच में नहीं खेल पाएंगे. शाहीन आफरीदी पिछले काफी समय से चोटिल चल रहे थे.

हालांकि, वह पिछले दिनों खत्म हुए टी20 विश्व कप में वापसी करने में सफल रहे, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब फिर से उनकी चोट फिर से उभर आयी. और वह अपने कोटे की 11 अहम गेंदें नहीं फेंक सकी, जिसका पाकिस्तानी टीम को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ. और अब एक मुसीबत पूरी तरह से सुलझी  भी नहीं थी कि अब अब नयी मुसीबत ने उन्हें घेर लिया

पाकिस्तान लौटने के बाद अफरीदी को घुटने की चोट के कारण विश्राम दिया गया था, लेकिन शनिवार को उन्हें तब एक और झटका लगा जब उन्हें एपेंडिसाइटिस के ऑपरेशन के लिए अस्पताल जाना पड़ा. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सूत्रों ने कहा,‘अफरीदी का एपेंडिसाइटिस के लिए आज ऑपरेशन हुआ और उन्हें कम से कम छह सप्ताह के विश्राम की सलाह दी गई है. इसके बाद उन्हें रिहैबिलिटेशन से भी गुजरना होगा.’

उन्होंने कहा,‘वह निश्चित तौर पर इंग्लैंड के खिलाफ दिसंबर में होने वाले तीन टेस्ट मैचों में नहीं खेल पाएंगे। इसके अलावा वह इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले दो टेस्ट मैचों में भी नहीं खेल पाएंगे.’

- Advertisement -spot_imgspot_img
Jamil Khan
Jamil Khan
जमील ख़ान एक स्वतंत्र पत्रकार है जो ज़्यादातर मुस्लिम मुद्दों पर अपने लेख प्रकाशित करते है. मुख्य धारा की मीडिया में चलाये जा रहे मुस्लिम विरोधी मानसिकता को जवाब देने के लिए उन्होंने 2017 में रिपोर्टलूक न्यूज़ कंपनी की स्थापना कि थी। नीचे दिये गये सोशल मीडिया आइकॉन पर क्लिक कर आप उन्हें फॉलो कर सकते है और संपर्क साध सकते है

Latest news

- Advertisement -spot_img

Related news

- Advertisement -spot_img