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Wednesday, February 28, 2024

क़ुतुब मीनार की खुदाई की ख़बरों पर केंद्रीय मंत्री की सफाई, ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया

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ऐतिहासिक इमारत कुतुब मीनार के परिसर में खुदाई की खबरों के बीच केंद्रीय संस्कृति मंत्री जीके रेड्डी का बयान आया है. उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है. संस्कृति मंत्री ने कहा कि कुतुब मीनार परिसर में खुदाई का कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है. बता दें कि इससे पहले रिपोर्ट्स आई थी कि कुतुब मीनार परिसर में बहुत जल्द खुदाई शुरू होगी. संस्कृति मंत्रालय ने कुतुब मीनार में मूर्तियों की Iconography कराए जाने के निर्देश दिए हैं.

केंद्रीय संस्कृति मंत्री जीके रेड्डी ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की ओर से कुतुब मीनार परिसर में कोई भी खुदाई नहीं की जाएगी. अभी तक इस बारे में हमने कोई भी डिसीजन नहीं लिया है. इस तरह की सभी रिपोर्ट्स बेबुनियाद हैं.

खुदाई के बारे में क्या आई थी रिपोर्ट

रिपोर्ट आई थी कि संस्कृति मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि कुतुब मीनार में मूर्तियों की Iconography कराई जाए. एक रिपोर्ट के आधार पर कुतुब मीनार परिसर में खुदाई का काम किया जाएगा. इसके बाद ASI संस्कृति मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.

बताया गया था कि संस्कृति सचिव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने के बाद यह फैसला लिया था. लिहाजा कुतुब मीनार के साउथ में और मस्जिद से 15 मीटर दूरी पर खुदाई का काम शुरू किया जा सकता है. रिपोर्ट में कुतुब मीनार ही नहीं, अनंगताल और लालकोट किले पर भी खुदाई करने की जानकारी दी गई थी.

संस्कृति सचिव गोविंद मोहन के साथ टीम ने किया निरीक्षण 

संस्कृति सचिव गोविंद मोहन ने 12 लोगों की टीम के साथ कुतुब मीनार परिसर का निरीक्षण किया था. इस टीम में 3 इतिहासकार, ASI के 4 अधिकारी और रिसर्चर मौजूद थे. इस मामले में ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुबमीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है.

1991 के बाद नहीं हुई खुदाई

ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुबमीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है. इसके अलावा कई रिसर्च भी पेंडिंग हैं, जिसकी वजह से ये फैसला लिया गया है.

कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग 

कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग भी हाल ही में की गई थी. इसके बाद वहां हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया था. हिंदू संगठनों ने कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ करने की मांग की थी. हिंदू संगठन के एक कार्यकर्ता ने कहा था कि मुगलों ने हमसे इसे छीना था. इसे लेकर हम अपनी मांगों को रख रहे हैं. हमारी मांग है कि कुतुब मीनार का नाम बदलकर विष्णु स्तम्भ किया जाए.

भगवान गणेश की मूर्तियों को लेकर भी हुआ था विवाद

कुतुब मीनार में रखी भगवान गणेश की मूर्तियों को लेकर भी विवाद हुआ था. महरौली से बीजेपी की निगम पार्षद आरती सिंह ने मांग की थी कि मूर्तियों को कुतुब मीनार में ही उचित स्थान पर रखकर वहां पूजा-आरती कराई जाए. बता दें कि कुतुब मीनार में मंदिर होने और देवी-देवताओं की मूर्तियों को अपमानित तरीके से रखने का विवाद दशकों पुराना है.

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Jamil Khan
Jamil Khanhttps://reportlook.com/
journalist | chief of editor and founder at reportlook media network

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