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Monday, February 6, 2023
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न ड्रग्स, न कैश और न ही इंटरनेशनल रैकेट से लिंक तो फिर आर्यन खान की गिरफ्तारी क्यों

NCB ने 3 अक्टूबर को आर्यन खान, अरबाज़ मर्चेंट और मुनमुन को गिरफ्तार किया था. पंचनामा में जहां कहा गया कि आर्यन खान और अरबाज मर्चेंट साथ में थे, जबकि मुनमुन के साथ हमारा कोई लेना देना नहीं है.

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नई दिल्ली: NCB ने 3 अक्टूबर को आर्यन खान, अरबाज़ मर्चेंट और मुनमुन को गिरफ्तार किया था. पंचनामा में जहां कहा गया कि आर्यन खान और अरबाज मर्चेंट साथ में थे, जबकि मुनमुन के साथ हमारा कोई लेना देना नहीं है. उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार किया गया वो मुझे नहीं पता, मुझे केवल इतना पता है कि आर्यन और अरबाज को साथ में हिरासत में लिया गया, लेकिन अदालत में तीनों को पेशकर उन्हें एक साथ गिरफ्तार किया गया. बार-बार जो ड्रग्स और कैश की बात हो रही है, उसमें से आर्यन खान के पास से कुछ नहीं मिला और पूरे ड्रग्स में से केवल 6 ग्राम चरस अरबाज के पास से मिला है, लेकिन एक चीज जो दिखाई देता है वो यही है कि ना ही चरस, ना MD या कोई पिल या कैश आर्यन के पास नहीं था. आर्यन खान के वकील अमित देसाई ने कोर्ट में ये बातें कही हैं. अदालत में आर्यन खान की जमानत याचिका पर सुनवाई जारी है.

वकील देसाई ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि आर्यन खान के पास कैश नहीं था, इसलिए वो ड्रग्स खरीद नहीं सकता था. उसके पास से ड्रग्स नहीं मिला, इसलिए वो इसका सेवन नहीं करने वाला था, लेकिन जब अदालत में जाते हैं, तब तीनों आरोपियों को साथ में जोड़कर आर्यन को भी बिक्री, खरीद और सेवन के मामले में जोड़ा जाता है. 

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अरबाज ने माना कि वो चरस का इस्तेमाल खुद करने वाला था, तो फिर इस मामले में बिक्री की बात कहां से आती है. जो रिकवरी हुई उसका किसी भी तरह से आर्यन खान से कनेक्शन मिल नहीं नहीं रहा है. मैं अदालत को फैक्ट बता रहा हूं, जिसमें बार-बार एनसीबी बिग पिक्चर की बात कर रही है, लेकिन उन्हें यह अधिकार नहीं है कि ऐसे लोगों को पकड़े जिसका इससे कोई लेना-देना नहीं है.

इसके आगे पंचनामा में लिखा है कि और 5 लोगों को भी पकड़ा गया, लेकिन जिसके पास से कुछ नहीं मिला उसे पहले दिन ही अदालत में पेश किया गया, जिसके पास से ड्रग्स मिला, उसे पहले दिन अदालत में नहीं लाया गया. मैं NCB का शुजरगुज़ार हूं कि उन्होंने कई जगहों कट एंड पेस्ट का काम किया है, लेकिन पहले रिमांड एप्लीकेशन में बाकी आरोपियों का नाम नहीं था.

आखिर में लिखा गया है कि 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बाद में कहा गया कि आर्यन खान के मोबाइल फोन से कई सबूत मिले हैं और इसके अंतराष्ट्रीय तार भी जुड़ रहे हैं, इसलिए रिमांड बढ़ाई की बात की गई है. अब यह बता रहे हैं कि अबतक पूरे मामले में कितने रिमांड हुए हैं. तीसरे रिमांड के समय आचित का नाम सामने आता है और कहा जाता है कि आर्यन खान ने इसकी जानकारी दी है. आचित से 2.6 ग्राम गांजा मिला है.

यही एक तार है जो आर्यन से जोड़ा गया है, लेकिन आरोप जो लगे थे वो क्रूज़ पर ड्रग्स का सेवन और खरीब फरोख्त की बात थी. बाद में आचित को गिरफ्तार किया गया, यह कहते हुए कि आर्यन खान ने इसकी जानकारी दी है. इसके बाद सभी आरोपियों के साथ आर्यन का नाम जोड़कर बताया गया. क्रूज़ में ऑर्गेनाइजिंग टीम में से भी बाद में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया. 

मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस कस्टडी को रिजेक्ट किया. वो अदालत के इस ऑर्डर को पढ़ रहे हैं. आर्यन खान के साथ पहली बार जो जानकारी ली गई, उसके बाद उनसे कोई पूछताछ या बयान नहीं लिया गया, यह अदालत में कहा गया है. आर्यन खान से जिसका नाम मिला, उसकी भी गिरफ्तारी हो गई है. अब जमानत दी जानी चहिए. 

जब आर्यन खान की जमानत को रिजेक्ट किया गया, तब यही कहा गया कि अदालत इस मामले पर सुनवाई नहीं कर सकती है. यह उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आता है. बुधवार सुबह जो NCB ने रिप्लाई फ़ाइल की है, उसमें पहले इस मामले की जानकारी दी गई है. बाद में कहा गया है कि यह सभी आरोपी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. NCB केवल इसी एक चीज़ पर यह पूरा बहस कर रही है कि सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. ड्रग्स आर्यन खान से नहीं मिला है, उनके दोस्त से मिला है.

विदेशी तार को जोड़ा जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स की बात कही जा रही है. इसपर मैं अलग से बात करूंगा. इसमें यह भी कहा गया है कि अरबाज़ ने और लोगों के नाम लिए हैं, आर्यन ने नहीं. पहले यह नहीं कहा गया था कि आर्यन को ड्रग्स सप्लाई की गई, लेकिन बाद में कहा गया कि उसे भी यह सप्लाई की गई थी. अब NCB पेडलिंग सप्लाई और बाकी चीज़ें कह सकते हैं, लेकिन इसपर अदालत को पता है कि जब भी इस तरह के मामले सामने आते हैं, ऐसा बार-बार कहा जाता है.

जितने भी चीज़ें बाद में बाहर आई, उसकी जानकारी दूसरे आरोपियों से मिली. जो ड्रग्स मिले, वो दूसरों के पास से मिले हैं. हमारा उनसे कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन फिर भी साथ में जोड़कर अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स ट्रैफिकिंग की बात की गई है, जबकि इससे कोई लेना-देना नहीं है. कहा गया कि यह एक षड्यंत्र है. जो डॉक्यूमेंट इन्होंने ड्राफ्ट किया है, उससे ऐसा लगता है कि आर्यन खान का इन सभी से लेना-देना है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है और इसलिए हम यहां पर अदालत के सामने हैं. जबकि आर्यन और अरबाज को ही साथ में हिरासत में लिया गया था और गिरफ्तार किया गया था.

इन्होंने अवैध अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी का ज़िक्र किया है और उसमें आर्यन खान का नाम शामिल किया है. मुझे लगता है कि NCB को पता होगा कि NDPS एक्ट में अवैध तस्करी की जानकारी दी गई है और यह एक गंभीर चीज़ है. ऐसे शब्दों का ऐसे ही इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, यह सब केवल जमानत याचिका को रोकने के लिए किया गया है. क्या आप किसी भी तरह आर्यन खान को इससे जोड़ पाए हैं? अदालत ने पहले भी ऐसे मामलों पर सुनवाई की है.

बिना किसी वसूली, कब्जा के आर्यन खान को अवैध तस्करी से जोड़ा गया है. यह एक षड्यंत्र है, जिसमें इन सभी को जोड़ा जा रहा है. हर किसी को क्रूज़ से नहीं गिरफ्तार किया गया, बाहर से भी लोगों को गिरफ्तार किया गया. अवैध तस्करी में ड्रग्स की Cultivating, Production, Manufacturing, Consumption, Import, Export, Interstate जैसे चीज़ें को शामिल किया जाता है. ऐसे किसी चीज़ से इनका कोई लेना देना नहीं है, फिर भी अवैध तस्करी लिखा गया है.
 


अवैध तस्करी में 27A के तहत कार्रवाई की जा सकती है. यही एक प्रोविजन है, जिसके तहत इसपर कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन जो रिमांड एप्लीकेशन है, उसमें जाने पर पता चलता है कि पंचनामा में अवैध तस्करी का कोई जिक्र भी नहीं है. यह कह सकते हैं कि जांच में यह पता चला है. लेकिन, जब आर्यन खान की तलाशी ली गई, उनके मोबाइल फोन को जब्त किया गया. रिमांड एप्लीकेशन में 27A का ज़िक्र नहीं है. यह इसलिए क्योंकि इनको पता है कि आर्यन खान का इससे कोई लेना-देना नहीं है.

जिन आधारों पर आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया, हम उसपर ही चर्चा कर रहे हैं और हम इसी पर जमानत की मांग कर रहे हैं. हमारे युवा साथियों ने एक चार्ट बनाया है जिससे हटाया जा रहा है कि आर्यन का इससे कोई लेना-देना नहीं है. अब यह चार्ट अदालत को दिया गया है और बताया जा रहा है कि किस तरह से बिना दूसरे आरोपियों से कोई लेना देना नहीं होने के बावजूद उनके साथ जोड़ा जा रहा है.

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Jamil Khan
Jamil Khan
Jamil Khan is a journalist,Sub editor at Reportlook.com, he's also one of the founder member Daily Digital newspaper reportlook
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