Patna: बिहार समेत दुनिया भर में रविवार को वर्ल्ड जनसंख्या दिवस (World Population Day) मनाया गया. इसके साथ ही रविवार को उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) की सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून (Population Law) बनाने के लिए एक कदम आगे बढ़ा दिया है. योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार के इस फैसले का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कड़ा विरोध किया है. सीएम नीतीश ने कहा, ‘कोई राज्य कुछ करना चाहे, तो करे, इस पर मुझे कुछ नहीं कहना. मेरा मानना है कि अगर घर की महिला पढ़ी-लिखी होगी, तो जनसंख्या खुद नियंत्रित हो जायेगी.’ 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चीन का उदाहण दिया और कहा कि चीन में पहले एक, फिर दो बच्चों की बात, अब क्या हो रहा है. मेरा साफ मानना है कि महिलाएं अगर पढ़-लिख जायेंगी, तो अपने आप नियंत्रण हो जायेगा. मुझे लगता है कि 2040 तक बिहार में जनसंख्या पर नियंत्रण हो जायेगा. 

साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री ने बाढ़ के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति को लेकर हम सतर्क हैं. इस साल भी हर जिले में जाकर देखा है, डीएम को निर्देश दिया है.  हर जिले में हेलीकॉप्टर भेजकर डीएम को दिखवा दिया है, हमने कह दिया है कोई प्रभावित व्यक्ति छूटना नहीं चाहिये. हर तरह की मदद हम बाढ़ पीड़ितों की करेंगे.

इसके अलावा, कॉमन सिविल कोड पर कानून बनने को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. नीतीश कुमार ने इस दौरान कहा कि शराबबंदी पूरे देश में होनी चाहिये. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता के दरबार में कहा कि हमने 2006 में जनता दरबार के तहत लोगों के कष्ट को सुनने के लिए एक खास तरह के कार्यक्रम की शुरुआत की थी. हमने महीने के तीन सोमवार को ‘जनता दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी.

उन्होंने कहा कि सालों जनता की समस्या को सीधे तौर पर सुनते रहे, 2015 में कानून बनाने की बात सोची. लोगों की शिकायत के लिए कानून बनाया, 2016 में कानून लागू हुआ. 2016 की यात्रा में हर जिले में जाकर कानून के क्रियान्वयन को देखा. जनता के दरबार में मुख्यमंत्री में आयी शिकायतों के आधार पर कई कानून बनाये. जमीन विवाद के सबसे ज्यादा मामले आते थे, उस पर कानून बनाया.

सीएम ने इसके आगे जमीन विवाद के मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि उनकी सरकार ने राज्य़ में जमीन के नये सर्वे की शुरुआत की, जो अभी चल रही है. कानून बहुत अच्छे ढंग से चल रहा था, दो साल से शिकायत आ रही थी. जनता के दरबार में मुख्यमंत्री को फिर से शुरू करने की बात आयी. 2020 के चुनाव से पहले ही तय कर दिया था, सरकार बनेगी, तो शुरुआत करेंगे.

जनता दरबार को लेकर सीएम नीतीश ने कहा कि राज्य में सरकार बनने के बाद हम जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम शुरू कर देते, लेकिन कोरोना की वजह से शुरुआत नहीं हो पायी. हम मई में ही जनता के दरबार में मुख्यमंत्री शुरू करना चाहते थे. अब शुरुआत हो गयी है, आज हमने लोगों की बात सुनी. कोरोना के दौर की वजह से अभी थोड़ी शुरुआत की है, पहले ऐसा नहीं था. इस बार पहले शिकायत के बारे में जाना जाता है, लोगों को लाने और वापस ले जाने का इंतजाम किया है. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का दौर खत्म होते ही फिर पहले की तरह लोग जनता दरबार में आ सकेंगे और उनकी समस्या का समाधान हो सकेगा. आरसीपी सिंह को बधाई देने के मुद्दे पर बोले कि इस सबको छोड़िये. हमारी पार्टी में सबकुछ ठीक है, पता नहीं ऐसी चर्चा क्यों होती है?

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