पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है। उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा कांग्रेस की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष सोनिया गांधीीको भेजा। सोनिया गांधी ने पंजाब सहित पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद इन राज्‍यों के प्रदेश अध्‍यक्षों से इस्‍तीफा मांगा था। बता दें कि पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष पद संभालने के बाद से सिद्धू विवादों में रहे। उनका कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के बाद तत्‍कालीन सीएम चरणजीत सिंह चन्‍नी से भी विवाद रहा।

कांग्रेस और सोनिया को रास नहीं आया सिद्धू माडल

पंजाब में कांग्रेस की शर्मनाक हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू से कल इस्तीफा मांगा। पार्टी के फायर ब्रांड नेता आठ माह तक भी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं संभाल पाए। माना जा रहा है कि कांग्रेस और सोनिया को पंजाब में सिद्धू माडल रास नहीं आया।

पंजाब में कांग्रेस ने मंगलवार से ही हार का रिव्यू शुरू किया है। इसके लिए मालवा जोन की बैठक हो चुकी है। इसमें ज्यादातर नेताओं सिद्धू, चन्नी व सुनील जाखड़ पर हार का ठीकरा फोड़ा है।उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की इच्छा के विरुद्ध पिछले साल 18 जुलाई को सिद्धू को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी थी। उनके कमान संभालते ही कांग्रेस में खींचतान शुरू हो गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ विद्रोह हुआ।

कैप्टन को न सिर्फ मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, बल्कि उन्होंने पार्टी भी छोड़ दी। नवंबर में सिद्धू ने फिर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एडवोकेट जनरल (डीजी) व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति पर सवाल खड़ा करते हुए सिद्धू ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। चुनाव करीब होने के कारण सरकार को सिद्धू के आगे झुकना पड़ा और सरकार ने एजी व डीजीपी को बदल दिया, लेकिन अब हार के बाद हाईकमान ने ही सिद्धू से इस्तीफा मांग लिया।

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